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मेरठ के छावनी के प्रतिबंधित क्षेत्र सहित आसपास तीन दिन से संदिग्ध ड्रोन उड़ते हुए दिखाई देने से केवल जनता में दहशत दिखाई दी। सेना सहित पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया।
SZN MEDIA, मेरठ: मेरठ में देश की सबसे संवेदनशील सैन्य छावनियों में शुमार मेरठ कैंट के ऊपर लगातार तीन रातों से संदिग्ध ड्रोन मंडराने की सूचना ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। ड्रोन की मौजूदगी की खबर मिलते ही सेना, पुलिस और खुफिया विभाग ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल लिया। तीन दिन पहले देर रात से शुरू हुआ तलाशी अभियान, चेकिंग और निगरानी का दौर आज चौथे दिन भी जारी रहा, लेकिन ड्रोन उड़ाने वालों का कोई सुराग हाथ नहीं लग सका है।
सूत्रों के अनुसार बृहस्पतिवार, शुक्रवार और शनिवार की रात करीब दस बजे प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्र के ऊपर दो बड़े ड्रोन उड़ते देखे गए। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि एक ड्रोन काफी ऊंचाई पर जबकि दूसरा अपेक्षाकृत नीचे उड़ रहा था। कई स्थानीय लोगों ने इनके वीडियो भी रिकॉर्ड किए, जो बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो गए। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा और चिंता दोनों बढ़ गई हैं।
जांच जारी
मेरठ छावनी क्षेत्र सैन्य दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां सेना के महत्वपूर्ण कार्यालय, यूनिट और रणनीतिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं। सुरक्षा कारणों से इस क्षेत्र के कई किलोमीटर दायरे में बिना अनुमति किसी भी प्रकार के ड्रोन का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे में अज्ञात ड्रोन की मौजूदगी को सुरक्षा एजेंसियां बेहद गंभीरता से ले रही हैं। सूत्र बताते हैं कि शुरुआती जांच में इस संभावना पर भी विचार किया जा रहा है कि ड्रोन में हाई-रिजोल्यूशन कैमरे या नाइट विजन उपकरण लगे हो सकते हैं। इसी आशंका के चलते सेना और पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी है। आसपास के मार्गों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच की गई।
सर्च ऑपरेशन जारी
सोमवार में भी पुलिस और खुफिया विभाग की टीमें पूरे दिन जानकारी जुटाने में लगी रही। जिले में पंजीकृत ड्रोन ऑपरेटरों और संबंधित संस्थानों से भी संपर्क किया गया, लेकिन अब तक किसी वैध उड़ान की पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं सोफीपुर क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों का दावा है कि देर रात जंगल की दिशा से ड्रोन उड़ते दिखाई दिए थे और उनमें से दो ड्रोन आसपास के जंगल क्षेत्र में गिर गए। हालांकि इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद सेना और पुलिस की टीमें जंगलों तथा आसपास के क्षेत्रों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता का एक कारण हाल के महीनों में सामने आए कुछ संवेदनशील मामले भी हैं। फरवरी में सहारनपुर क्षेत्र में बिना अनुमति सैन्य क्षेत्र के आसपास ड्रोन से सर्वेक्षण किए जाने का मामला सामने आया था, जिसमें कार्रवाई भी हुई थी। इसी वजह से मेरठ छावनी के ऊपर दिखाई दिए संदिग्ध ड्रोन को सामान्य घटना मानने के बजाय राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से जांचा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, मिलिट्री इंटेलिजेंस और पुलिस की विशेष जांच टीमें फिलहाल चार अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही हैं। इनमें अवैध ड्रोन संचालन, संवेदनशील सैन्य गतिविधियों की निगरानी की कोशिश, आतंकी संगठन ISI शहजाद भट्टी नेटवर्क के संभावित स्लीपर सेल कनेक्शन जैसे पहलू शामिल हैं। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक किसी भी एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
उच्चस्तरीय बैठक
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पुलिस प्रशासन और सैन्य अधिकारियों के बीच सोमवार को उच्चस्तरीय गोपनीय बैठक भी हुई है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जब तक ड्रोन संचालकों की पहचान नहीं हो जाती, तब तक छावनी क्षेत्र और उसके आसपास विशेष सतर्कता जारी रहेगी, वहीं प्रशासन ने जनता से अपील की है कि बेवजह सैन्य क्षेत्र में जाने से बचे ओर अपने साथ निवास प्रमाण पत्र साथ रखें।
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