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भक्ति के लिए अपनाया कठिन रास्ता हमेशा
बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री जाह्नवी कपूर अपनी आस्था और सादगी के लिए एक अलग पहचान बना रही हैं। जहां ज्यादातर सितारे मंदिरों में VIP सुविधाओं का लाभ लेते हैं, वहीं जाह्नवी हर बार तिरुमाला पहुंचने के लिए करीब 3500 सीढ़ियां पैदल चढ़ना पसंद करती हैं। यह रास्ता न केवल कठिन है, बल्कि इसमें समय और शारीरिक मेहनत भी लगती है। इसके बावजूद वह इस परंपरा को निभाती हैं और खुद को एक सामान्य भक्त की तरह भगवान के सामने प्रस्तुत करती हैं। उनकी यह सोच दर्शाती है कि उनके लिए भक्ति का मतलब केवल दर्शन करना नहीं, बल्कि पूरे समर्पण के साथ यात्रा करना भी है।
VIP सुविधा से दूरी रखती हैं अभिनेत्री
जाह्नवी कपूर ने हाल ही में एक बातचीत के दौरान साफ कहा कि उन्होंने कभी भी VIP दर्शन का सहारा नहीं लिया। उनका मानना है कि जब आम लोग घंटों लाइन में लगकर दर्शन करते हैं, तो उन्हें भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि उनके लिए यह अनुभव बेहद खास होता है और वह हर बार इसे पूरी श्रद्धा के साथ जीती हैं। उनकी यह सोच उन्हें बाकी सितारों से अलग बनाती है और यही वजह है कि लोग उनकी सादगी और आस्था की सराहना करते हैं।
तिरुमाला मंदिर से जुड़ी गहरी आस्था
तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध और पवित्र मंदिरों में से एक है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। जाह्नवी कपूर भी इस मंदिर से गहरी आस्था रखती हैं और खास मौकों पर यहां जरूर जाती हैं। यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यहां तक पहुंचने की यात्रा भी एक आध्यात्मिक अनुभव मानी जाती है। 3500 सीढ़ियों का यह सफर भक्तों के लिए एक परीक्षा की तरह होता है, जिसे पार कर वे भगवान के दर्शन करते हैं।
मां से मिली भक्ति की ये परंपरा
जाह्नवी कपूर की यह आस्था उन्हें उनकी मां श्रीदेवी से विरासत में मिली है। श्रीदेवी भी तिरुमाला मंदिर में गहरी श्रद्धा रखती थीं और अक्सर यहां दर्शन के लिए जाया करती थीं। जाह्नवी ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया और आज भी उसी श्रद्धा के साथ इस यात्रा को पूरा करती हैं। उनके लिए यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि अपनी मां से जुड़े भावनात्मक रिश्ते को महसूस करने का एक तरीका भी है। यही वजह है कि हर बार यह यात्रा उनके लिए खास बन जाती है।
सादगी से जीता फैंस का दिल बार-बार
जाह्नवी कपूर की यह सादगी और भक्ति लोगों को काफी प्रभावित कर रही है। सोशल मीडिया पर भी उनके इस कदम की जमकर तारीफ हो रही है। लोग मानते हैं कि जहां एक तरफ कई सेलिब्रिटी सुविधाओं का लाभ उठाते हैं, वहीं जाह्नवी का यह व्यवहार उन्हें जमीन से जुड़ा हुआ दिखाता है। उनकी यह आदत उनके व्यक्तित्व का एक सकारात्मक पहलू बनकर सामने आई है और यही कारण है कि उनके फैंस उनकी और ज्यादा इज्जत करने लगे हैं।
भक्ति और मेहनत का दिया खास संदेश
जाह्नवी कपूर की यह पहल केवल एक व्यक्तिगत आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक संदेश देती है। उन्होंने यह दिखाया है कि सच्ची भक्ति में मेहनत और समर्पण का होना जरूरी है। बिना किसी विशेष सुविधा के, आम लोगों की तरह मंदिर तक पहुंचना और भगवान के दर्शन करना ही असली श्रद्धा है। उनकी यह सोच युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक बन रही है और यह बताती है कि आस्था को दिखावे से नहीं, बल्कि सच्चे दिल से निभाना चाहिए।
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