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केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे
उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है। इस वर्ष केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले जाएंगे। पिछले साल ये कपाट 2 मई को खुले थे और शीतकाल के बाद अक्टूबर में बंद किए गए थे। कपाट खुलने के साथ ही भक्तों के लिए पूजा-अर्चना और दर्शन का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। इस अवसर पर राज्य प्रशासन और मंदिर समिति ने विशेष सुरक्षा और व्यवस्था तैयार की है। मंदिर क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण और स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं।
पांडवों से जुड़ी है केदारनाथ की कथा
कहा जाता है कि महाभारत के पांडव युद्ध के बाद अपने पापों का प्रायश्चित करने के लिए तीर्थयात्रा पर निकले थे। उस समय भीम ने भगवान शिव को देखा, लेकिन शिवजी ने बैल का रूप धारण कर लिया। भीम ने उनके कूबड़ को पकड़ने की कोशिश की, जिससे भगवान शिव प्रकट हुए और केदारनाथ धाम की स्थापना हुई। यह कथा श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्तिभाव का प्रतीक है। हर वर्ष लाखों भक्त इन पावन स्थल की यात्रा कर भगवान केदारनाथ के दर्शन करते हैं और मनोकामनाएं पूरी होने की आशा रखते हैं।
ऊखीमठ से रवाना होगी बाबा की गद्दी
इस वर्ष बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली यानी गद्दी 19 अप्रैल 2026 को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से निकाली जाएगी। इस गद्दी यात्रा में धार्मिक अनुष्ठान और मंत्रोच्चारण के साथ बाबा केदारनाथ की गद्दी को ढोया जाएगा। गद्दी के रवाना होने के साथ ही श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई है। यात्रा मार्ग पर पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। भक्तों को सुरक्षा और सुविधा के लिए मार्ग में विशेष इंतजाम किए गए हैं।
भक्तों में उमड़ा उत्साह और तैयारी
मंदिर खुलने से पहले ही भक्तों में उत्साह देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों ने केदारनाथ धाम में अपने-अपने रहने और भोजन के इंतजाम शुरू कर दिए हैं। प्रशासन ने यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए विशेष योजनाएं बनाई हैं। मंदिर समिति ने साफ-सफाई और सुरक्षा बढ़ाने के लिए कार्य शुरू कर दिया है। इस वर्ष भी कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
धार्मिक आयोजन और पूजन विधि
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। गद्दी यात्रा के दौरान मंत्रोच्चारण, हवन और भजन कीर्तन किए जाएंगे। मंदिर में धार्मिक उत्सव और भक्तजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए आयोजकों ने समय-सारणी तैयार की है। सभी अनुष्ठानों का पालन पारंपरिक विधि और धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार किया जाएगा। श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन और पूजा सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
आस्था और श्रद्धालु अनुभव
कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगेगी। यह पर्व धार्मिक आस्था और आंतरिक शांति का प्रतीक है। भक्त अपने परिवार और मित्रों के साथ इस पावन अवसर में भाग लेते हैं। गद्दी यात्रा और मंदिर दर्शन से लोगों की धार्मिक ऊर्जा और विश्वास मजबूत होता है। इस अवसर पर प्रशासन और मंदिर समिति की तैयारियां भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं।
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