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समृद्धि हाईवे पर दर्दनाक हादसे में मौत
महाराष्ट्र के नासिक जिले में समृद्धि हाईवे पर शुक्रवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे में शिवनिका ट्रस्ट के उपाध्यक्ष और अशोक खरात के करीबी माने जाने वाले डॉ. जितेंद्र शेलके की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शेलके अपनी कार से संभाजीनगर की ओर जा रहे थे, तभी उनकी गाड़ी सामने चल रहे एक भारी-भरकम ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह ट्रेलर के अंदर घुस गया और वाहन के परखच्चे उड़ गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक शेलके दम तोड़ चुके थे। यह हादसा इतना भयावह था कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए।
तेज रफ्तार या लापरवाही, जांच के घेरे में कारण
हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार या चालक का नियंत्रण खोना हादसे की मुख्य वजह हो सकती है। हालांकि, अभी तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दुर्घटना महज एक हादसा थी या इसके पीछे कोई और कारण छिपा हुआ है। वाहन की स्थिति और सड़क की परिस्थितियों का भी बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है।
राजनीतिक बयानबाजी से गरमाया माहौल
डॉ. जितेंद्र शेलके की मौत के बाद यह मामला केवल एक सड़क हादसे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। शिवसेना (यूबीटी) की नेता सुषमा अंधारे ने इस घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना संदिग्ध प्रतीत होती है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए। अंधारे ने यह भी संकेत दिया कि यह केवल एक सामान्य दुर्घटना नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे कोई साजिश भी हो सकती है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है और विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर सक्रिय हो गए हैं।
मृतक की पहचान और सामाजिक भूमिका
डॉ. जितेंद्र शेलके न केवल एक चिकित्सक थे, बल्कि सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते थे। वे शिवनिका ट्रस्ट के उपाध्यक्ष थे और समाज में उनकी एक अलग पहचान थी। इसके अलावा, वे अशोक खरात के बेहद करीबी माने जाते थे, जिससे उनकी राजनीतिक और सामाजिक पहुंच भी मजबूत थी। उनके अचानक निधन से उनके समर्थकों और परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया और इसे समाज के लिए एक बड़ी क्षति बताया।
पुलिस जांच में जुटी, हर पहलू खंगाला जाएगा
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि साक्ष्यों को इकट्ठा कर सही निष्कर्ष तक पहुंचा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के पीछे की सच्चाई सामने लाने के लिए किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। ट्रेलर चालक से भी पूछताछ की जा रही है और उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। साथ ही, वाहन की तकनीकी स्थिति और ब्रेक सिस्टम की भी जांच की जा रही है।
हादसे या साजिश, जवाब का इंतजार जारी
फिलहाल यह मामला एक बड़े सवाल के रूप में सामने आया है—क्या यह सिर्फ एक सड़क हादसा था या इसके पीछे कोई साजिश छिपी हुई है? जहां एक तरफ पुलिस इसे दुर्घटना मानकर जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक बयानबाजी ने मामले को और उलझा दिया है। आम जनता भी इस घटना को लेकर कई तरह के सवाल उठा रही है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष ही यह तय करेंगे कि इस दर्दनाक घटना के पीछे असल वजह क्या थी। तब तक यह मामला चर्चा और अटकलों का केंद्र बना रहेगा।
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