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सचिवालय को मिली बम धमकी
ईमेल धमकी सुरक्षा बढ़ाई पुलिस तैनात चेकिंग कड़ी हड़कंप मचा
पंजाब सचिवालय को धमकी सुरक्षा बढ़ाई अधिकारियों में सतर्कता बढ़ी
19 Feb 2026, 02:41 PM Haryana - Faridabad
Reporter : Mahesh Sharma
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Faridabad फरीदाबाद: पंजाब सिविल सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। धमकी एक ईमेल के जरिए भेजी गई थी, जिसे पढ़ते ही सचिवालय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।

सचिवालय के मुख्य अधिकारियों ने तुरंत उच्चाधिकारियों को इस खतरे की जानकारी दी। मौके पर भारी तादाद में पुलिस बल तैनात किया गया और सचिवालय के प्रवेश और निकास द्वारों पर कड़ी जांच शुरू कर दी गई। सभी आगंतुकों और वाहन की तलाशी के साथ ही सुरक्षा को और सख्त किया गया।

सुरक्षा एजेंसियां अब इस धमकी भरे ईमेल की जांच कर रही हैं और स्रोत का पता लगाने में लगी हुई हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ईमेल का स्वर गंभीर और स्पष्ट था, जिससे तुरंत सतर्कता की आवश्यकता महसूस हुई।

पंजाब सचिवालय के अधिकारीयों ने कहा कि किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। सचिवालय परिसर के आसपास ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी बढ़ा दी गई है।

इस धमकी ने प्रशासन और आम जनता में चिंता पैदा कर दी है। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सचिवालय का कोई भी कर्मचारी या आगंतुक खतरे में न रहे। साथ ही, पड़ोसी सरकारी कार्यालयों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे खतरे अक्सर साइबर माध्यम से भेजे जाते हैं, और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण होते हैं। इसलिए तत्काल जांच, सतर्कता, और कड़ी सुरक्षा आवश्यक है।

सुरक्षा बल लगातार सचिवालय परिसर में पेट्रोलिंग कर रहे हैं। सभी प्रवेश द्वारों पर बैगेज और व्यक्तियों की जाँच के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा बल को दें।

इस प्रकार के खतरे को हल्के में नहीं लिया जा रहा है और अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक सुरक्षा कड़ी रहेगी। सचिवालय के संचालन और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

यह घटना प्रशासनिक सुरक्षा और साइबर माध्यम से आने वाले खतरों की संवेदनशीलता को फिर से उजागर करती है। आने वाले समय में अधिकारियों का ध्यान ऐसे खतरे की रोकथाम और तुरंत प्रतिक्रिया पर केंद्रित रहेगा।