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असम CM हिमंता बेंगलुरु FIR
बेंगलुरु पुलिस ने FIR दर्ज की असम CM हिमंता पर
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर बेंगलुरु में सोशल मीडिया हेट सामग्री का FIR
17 Feb 2026, 02:22 PM
Karnataka -
Bengaluru
Reporter :
Mahesh Sharma
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Bengaluru बेंगलुरु में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ एक FIR दर्ज की गई है। इस FIR में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ ऐसी सामग्री साझा की, जिसे स्थानीय अधिकारियों ने ‘हेट कंटेंट’ माना। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि FIR में मुख्यमंत्री द्वारा पोस्ट की गई कुछ टिप्पणियों और सामग्री को संवैधानिक और सामाजिक दृष्टि से विवादास्पद माना गया है। सोशल मीडिया पर उनके बयान ने कई लोगों को नाराज कर दिया था। शिकायत दर्ज करने वाले पक्ष का कहना है कि इन पोस्टों से साम्प्रदायिक और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंच सकता है।
हालांकि मुख्यमंत्री और उनके कार्यालय ने इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उनके समर्थकों ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है। असम और बेंगलुरु दोनों जगह के अधिकारियों ने अब मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर सार्वजनिक व्यक्तियों के कथन और पोस्ट अक्सर संवेदनशील हो सकते हैं, और उन्हें कानूनी दायरे में रहकर साझा करना जरूरी है। FIR दर्ज होने के बाद अब इस मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया कोर्ट और पुलिस के माध्यम से तय की जाएगी।
इस घटना से राजनीतिक हलकों में भी हलचल मची हुई है। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और इसे कानून और व्यवस्था के नजरिए से गंभीर मामला बताया है। वहीं, मुख्यमंत्री के समर्थकों ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और राजनीतिक उत्पीड़न से जोड़कर देखा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जनता की प्रतिक्रियाएँ भी तेज़ हैं। कुछ लोग FIR की सराहना कर रहे हैं और कह रहे हैं कि सार्वजनिक पद पर रहने वाले व्यक्तियों को अपने शब्दों के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए। वहीं कुछ लोग इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला मान रहे हैं।
अभी तक पुलिस ने FIR में शामिल सभी आरोपों की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। अगले कुछ दिनों में अधिकारियों से इस मामले पर और अधिक विवरण आने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि FIR में मुख्यमंत्री द्वारा पोस्ट की गई कुछ टिप्पणियों और सामग्री को संवैधानिक और सामाजिक दृष्टि से विवादास्पद माना गया है। सोशल मीडिया पर उनके बयान ने कई लोगों को नाराज कर दिया था। शिकायत दर्ज करने वाले पक्ष का कहना है कि इन पोस्टों से साम्प्रदायिक और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंच सकता है।
हालांकि मुख्यमंत्री और उनके कार्यालय ने इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उनके समर्थकों ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है। असम और बेंगलुरु दोनों जगह के अधिकारियों ने अब मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर सार्वजनिक व्यक्तियों के कथन और पोस्ट अक्सर संवेदनशील हो सकते हैं, और उन्हें कानूनी दायरे में रहकर साझा करना जरूरी है। FIR दर्ज होने के बाद अब इस मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया कोर्ट और पुलिस के माध्यम से तय की जाएगी।
इस घटना से राजनीतिक हलकों में भी हलचल मची हुई है। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और इसे कानून और व्यवस्था के नजरिए से गंभीर मामला बताया है। वहीं, मुख्यमंत्री के समर्थकों ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और राजनीतिक उत्पीड़न से जोड़कर देखा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जनता की प्रतिक्रियाएँ भी तेज़ हैं। कुछ लोग FIR की सराहना कर रहे हैं और कह रहे हैं कि सार्वजनिक पद पर रहने वाले व्यक्तियों को अपने शब्दों के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए। वहीं कुछ लोग इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला मान रहे हैं।
अभी तक पुलिस ने FIR में शामिल सभी आरोपों की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। अगले कुछ दिनों में अधिकारियों से इस मामले पर और अधिक विवरण आने की संभावना है।