Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
CTET परीक्षा में सॉल्वर पकड़े गए
बायोमेट्रिक जांच से CTET सॉल्वर का भंडाफोड़
जौनपुर में CTET परीक्षा में फर्जीवाड़ा, दूसरे की जगह परीक्षा देते दो युवक गिरफ्तार
08 Feb 2026, 01:44 PM Uttar Pradesh - Jainpur
Reporter : Mahesh Sharma
ADVERTISEMENT Sponsored
Ad
Open
Jainpur जौनपुर में आयोजित केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। परीक्षा केंद्र पर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहे दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह मामला सामने आते ही शिक्षा विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, CTET परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक अटेंडेंस की प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आई। जब अभ्यर्थियों के फिंगरप्रिंट और रिकॉर्ड का मिलान किया गया तो दो उम्मीदवारों की पहचान संदिग्ध पाई गई। इसके बाद परीक्षा केंद्र प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में पता चला कि दोनों युवक असली परीक्षार्थी नहीं थे, बल्कि पैसों के बदले दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने आए थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने परीक्षा में बैठने के लिए फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेज भी तैयार कराए थे।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरा खेल एक संगठित गिरोह के जरिए चलाया जा रहा था, जिसमें परीक्षा पास कराने के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी। फिलहाल गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों से पूछताछ की जा रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

इस मामले में परीक्षा केंद्र की सतर्कता अहम साबित हुई। बायोमेट्रिक सिस्टम की वजह से फर्जीवाड़ा समय रहते पकड़ में आ गया, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता बनी रही। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया है।

प्रशासन का कहना है कि CTET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में इस तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और सख्त की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की नकल या फर्जीवाड़े की गुंजाइश न रहे।

स्थानीय लोगों और अभ्यर्थियों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि सॉल्वर और फर्जी उम्मीदवार मेहनती छात्रों के हक पर डाका डालते हैं। ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है ताकि दूसरों के लिए यह एक उदाहरण बन सके।

फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि असली अभ्यर्थी कौन थे और उन्होंने यह सौदा किसके जरिए किया। जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।