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कटिहार अग्निकांड पीड़ितों को मदद
पप्पू यादव 10 लाख मदद दुकानदारों नकद और चेक वितरण
कटिहार हाट आग पीड़ितों को पप्पू यादव ने वितरित की मदद
19 Feb 2026, 02:51 PM Jharkhand - Deogarh
Reporter : Mahesh Sharma
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Deogarh देवघर: कटिहार जिले के कुरसेला प्रखंड स्थित हाट बाजार में 15 फरवरी को भीषण अग्निकांड हुआ, जिसमें लगभग 500 छोटे-बड़े दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। इस त्रासदी ने व्यापारियों और उनके परिवारों को बुरी तरह प्रभावित किया। आग की यह घटना स्थानीय अर्थव्यवस्था और दुकानदारों के जीवन पर गहरा असर डाल गई।

इस हादसे के बाद पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पीड़ित दुकानदारों और उनके परिवारों के बीच पहुंचे। उन्होंने इस दुख की घड़ी में करीब 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद जुटाई और दुकानदारों में वितरित की। प्रत्येक पीड़ित को 10 हजार रुपये का चेक और 5 हजार रुपये नकद दिया गया।

सांसद पप्पू यादव ने कहा कि यह मदद उनके व्यक्तिगत जान-पहचान के लोगों और दुबई में रहने वाले कुछ परिचितों के सहयोग से जुटाई गई। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी थी कि वह पीड़ितों के नुकसान की भरपाई करे, लेकिन स्थानीय प्रशासन और उनकी टीम ने तुरंत राहत पहुंचाने का काम शुरू किया।

पप्पू यादव ने इस अवसर पर जिला प्रशासन से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पीड़ितों को जल्द पक्के घर और दुकान मुहैया कराए जाएं। इसके अलावा, बैंक ईएमआई में राहत देने और अन्य वित्तीय सहायता के लिए भी कदम उठाने की मांग की।

स्थानीय व्यापारियों ने सांसद के इस कदम की सराहना की और इसे उनके समर्पण और सक्रियता का प्रतीक बताया। अग्निकांड से हुए नुकसान की भरपाई और शीघ्र राहत के प्रयासों से प्रभावित परिवारों में राहत की भावना उत्पन्न हुई।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के हादसों में त्वरित आर्थिक मदद और प्रशासनिक सहयोग पीड़ितों की मुश्किलें कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं। पप्पू यादव की पहल ने इसे एक उदाहरण के रूप में पेश किया कि स्थानीय नेताओं की सक्रियता आपदा प्रबंधन में कितना असरदार हो सकती है।

सांसद ने बताया कि इस वित्तीय मदद के साथ-साथ व्यापारियों को इमरजेंसी रिकवरी प्लान और सरकारी सहायता योजनाओं के तहत शामिल किया जाएगा। इससे दुकानदार अपने व्यवसाय को फिर से शुरू करने में सक्षम होंगे और हाट बाजार की अर्थव्यवस्था जल्द पटरी पर लौट सकेगी।

इस तरह की आपदा और राहत गतिविधियों से यह संदेश जाता है कि संकट की घड़ी में सरकारी प्रयासों के साथ-साथ व्यक्तिगत पहल भी पीड़ितों की मदद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।