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साइबर पुलिस ठगी निवेश गिरफ्तार ठग
अलीगढ़ साइबर पुलिस ने 6 राज्यों के 12 ठग गिरफ्तार किए
अलीगढ़ साइबर पुलिस ने निवेश धोखाधड़ी करने वाले 12 ठगों को 6 राज्यों से गिरफ्तार किया
08 Feb 2026, 11:04 AM
Uttar Pradesh -
Aligarh
Reporter :
Mahesh Sharma
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Aligarh उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में साइबर क्राइम सेल को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने छह राज्यों से 12 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो निवेशकों को लुभाने और धोखा देने के लिए काम कर रहे थे। यह पूरे देश में फैली पैन-इंडिया साइबर इन्वेस्टमेंट फ्रॉड का हिस्सा था।
अलीगढ़ साइबर क्राइम सेल के अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने WhatsApp आधारित निवेश योजनाओं के जरिए लोगों से 11 लाख रुपये से अधिक की ठगी की। पीड़ितों को आकर्षक रिटर्न और बड़ी निवेश योजनाओं का लालच देकर उनसे रकम हड़पी जा रही थी।
पुलिस ने कहा कि यह गिरोह छह राज्यों में सक्रिय था और इसने कई निवेशकों को धोखा दिया। आरोपियों की पहचान करने और पकड़ने में टेलीकॉम मंत्रालय की मदद ली गई। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी बरामद की गई है, जो जांच के लिए महत्वपूर्ण सबूत हैं।
साइबर क्राइम सेल के अधिकारी दिनेश शर्मा ने बताया कि ऐसे मामले निवेशकों के लिए खतरे की घंटी हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप्स पर भेजी जाने वाली निवेश योजनाओं के जाल में फंसना आम है, इसलिए नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए।
अलीगढ़ पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में तकनीकी विशेषज्ञ और योजनाकार शामिल थे, जिन्होंने ऑनलाइन प्लैटफॉर्म के माध्यम से निवेशकों को फंसाया। जांच के दौरान यह भी पता चला कि यह गिरोह कई राज्यों में अपने नेटवर्क के जरिए नई योजनाएं चला रहा था।
विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर फ्रॉड से बचने के लिए निवेशकों को हमेशा वैध कंपनियों के साथ ही निवेश करना चाहिए और किसी भी शॉर्टकट रिटर्न या आकर्षक ऑफर में फंसने से बचना चाहिए। पुलिस ने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध संदेश या निवेश योजना की जानकारी तुरंत साइबर सेल को दें।
अलीगढ़ साइबर क्राइम सेल ने इस मामले में गिरफ्तारी और सबूतों की बरामदगी के बाद आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह कई महीनों से सक्रिय था और पैन-इंडिया ठगी की योजना बना रहा था।
कुल मिलाकर, अलीगढ़ साइबर पुलिस की इस कार्रवाई से निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और साइबर अपराधियों को कानूनी दंड दिलाने में मदद मिलेगी। यह घटना यह संदेश देती है कि तकनीकी जागरूकता और पुलिस की सतर्कता ही साइबर अपराध को रोकने में सबसे बड़ा हथियार है।
अलीगढ़ साइबर क्राइम सेल के अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने WhatsApp आधारित निवेश योजनाओं के जरिए लोगों से 11 लाख रुपये से अधिक की ठगी की। पीड़ितों को आकर्षक रिटर्न और बड़ी निवेश योजनाओं का लालच देकर उनसे रकम हड़पी जा रही थी।
पुलिस ने कहा कि यह गिरोह छह राज्यों में सक्रिय था और इसने कई निवेशकों को धोखा दिया। आरोपियों की पहचान करने और पकड़ने में टेलीकॉम मंत्रालय की मदद ली गई। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी बरामद की गई है, जो जांच के लिए महत्वपूर्ण सबूत हैं।
साइबर क्राइम सेल के अधिकारी दिनेश शर्मा ने बताया कि ऐसे मामले निवेशकों के लिए खतरे की घंटी हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप्स पर भेजी जाने वाली निवेश योजनाओं के जाल में फंसना आम है, इसलिए नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए।
अलीगढ़ पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में तकनीकी विशेषज्ञ और योजनाकार शामिल थे, जिन्होंने ऑनलाइन प्लैटफॉर्म के माध्यम से निवेशकों को फंसाया। जांच के दौरान यह भी पता चला कि यह गिरोह कई राज्यों में अपने नेटवर्क के जरिए नई योजनाएं चला रहा था।
विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर फ्रॉड से बचने के लिए निवेशकों को हमेशा वैध कंपनियों के साथ ही निवेश करना चाहिए और किसी भी शॉर्टकट रिटर्न या आकर्षक ऑफर में फंसने से बचना चाहिए। पुलिस ने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध संदेश या निवेश योजना की जानकारी तुरंत साइबर सेल को दें।
अलीगढ़ साइबर क्राइम सेल ने इस मामले में गिरफ्तारी और सबूतों की बरामदगी के बाद आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह कई महीनों से सक्रिय था और पैन-इंडिया ठगी की योजना बना रहा था।
कुल मिलाकर, अलीगढ़ साइबर पुलिस की इस कार्रवाई से निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और साइबर अपराधियों को कानूनी दंड दिलाने में मदद मिलेगी। यह घटना यह संदेश देती है कि तकनीकी जागरूकता और पुलिस की सतर्कता ही साइबर अपराध को रोकने में सबसे बड़ा हथियार है।