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दिल्ली की हवा फिर जहरीली
20 इलाकों में AQI 300+, वज़ीरपुर सबसे खराब 375 तक
दिल्ली के 20 इलाकों में हवा ‘बहुत खराब’, वज़ीरपुर में AQI करीब 400
11 Feb 2026, 01:03 PM
Delhi -
New Delhi
Reporter :
Mahesh Sharma
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New Delhi नई दिल्ली में आज सुबह यात्री और स्थानीय दोनों के लिए फिर से वायु प्रदूषण चिंता का विषय बना हुआ है। राजधानी की हवा बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की जा रही है, और कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 350 से ऊपर पहुंच गया है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया है। सीपीसीबी के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार कुछ क्षेत्रों में प्रदूषण 375 के आसपास पहुंच चुका है, जिससे शहरवासियों की सेहत पर असर पड़ने की आशंका है।
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) की रिपोर्ट में बताया गया है कि शहर के वज़ीरपुर इलाके में सबसे खराब हवा का स्तर देखा गया है, जहां AQI लगभग 375 तक पहुंच गया है। अन्य कई इलाकों में भी हवा बहुत खराब श्रेणी में रही।** नरेला (331), नेहरू नगर (342), नॉर्थ कैंपस (320), ओखला फेज-2 (315), पटपड़गंज (313), पंजाबी बाग (300)** जैसे स्थानों में भी प्रदूषण के उच्च स्तर दर्ज किए गए हैं।
वायु गुणवत्ता की यह स्थिति शहरवासियों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और सांस की समस्या वाले लोगों के लिए जोखिम बढ़ा रही है। सुबह के समय कुछ इलाकों में धुंध का प्रभाव भी देखा गया, जिससे दृश्यता में कमी आयी और सड़क पर यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) को आमतौर पर निम्नानुसार वर्गीकृत किया जाता है:
0–50: अच्छा
51–100: संतोषजनक
101–200: मध्यम
201–300: खराब
301–400: बहुत खराब
401–500: गंभीर श्रेणी
यहाँ पर दर्ज AQI मान “बहुत खराब” के दायरे में हैं, जो स्वास्थ्य के लिए प्रतिकूल माने जाते हैं।
शहर में प्रदूषण के बढ़ने का कारण मौसम की स्थितियाँ जैसे कम हवा की गति, धुंध, वाहन उत्सर्जन और ठंडी सुबहें मानी जाती हैं। हवा में बढ़ते कण (PM2.5 और PM10) सांस के रास्तों में जलन, खाँसी और अस्थमा जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब AQI 300 से ऊपर होता है तो बुज़ुर्गों और बच्चों को घर के अंदर रहने और संवेदनशील समूहों को खुले में कम जाने की सलाह दी जाती है।
बाद में मौसम विभाग ने भी यह संकेत दिया है कि अगले 24 घंटे में हवा की गुणवत्ता इसी तरह खराब रह सकती है, खासकर सुबह के समय धुंध और स्मॉग का असर जारी रहेगा। लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा के उपाय अपनाने, अनावश्यक बाहर निकलने से बचने तथा यदि संभव हो तो मास्क का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।
वहीं, सरकार और प्रशासन संबंधित एजेंसियों से कहा गया है कि वायु प्रदूषण को कम करने के उपायों को तेज किया जाए जैसे कि वाहनों के उत्सर्जन पर नियंत्रण, निर्माण स्थल से धूल रोकना, और हरित क्षेत्रों का विस्तार। इससे शहरवासियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।---
सावधानियाँ:
✔️ संवेदनशील लोगों को बाहर कम जाना चाहिए
✔️ बच्चों और बुज़ुर्गों को विशेष ध्यान रखें
✔️ आवश्यक हो तो मास्क पहनें
अगर आप चाहें तो मैं अलग-अलग इलाकों के AQI की विस्तृत सूची भी एक टेबल में तैयार कर सकता हूँ!
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) की रिपोर्ट में बताया गया है कि शहर के वज़ीरपुर इलाके में सबसे खराब हवा का स्तर देखा गया है, जहां AQI लगभग 375 तक पहुंच गया है। अन्य कई इलाकों में भी हवा बहुत खराब श्रेणी में रही।** नरेला (331), नेहरू नगर (342), नॉर्थ कैंपस (320), ओखला फेज-2 (315), पटपड़गंज (313), पंजाबी बाग (300)** जैसे स्थानों में भी प्रदूषण के उच्च स्तर दर्ज किए गए हैं।
वायु गुणवत्ता की यह स्थिति शहरवासियों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और सांस की समस्या वाले लोगों के लिए जोखिम बढ़ा रही है। सुबह के समय कुछ इलाकों में धुंध का प्रभाव भी देखा गया, जिससे दृश्यता में कमी आयी और सड़क पर यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) को आमतौर पर निम्नानुसार वर्गीकृत किया जाता है:
0–50: अच्छा
51–100: संतोषजनक
101–200: मध्यम
201–300: खराब
301–400: बहुत खराब
401–500: गंभीर श्रेणी
यहाँ पर दर्ज AQI मान “बहुत खराब” के दायरे में हैं, जो स्वास्थ्य के लिए प्रतिकूल माने जाते हैं।
शहर में प्रदूषण के बढ़ने का कारण मौसम की स्थितियाँ जैसे कम हवा की गति, धुंध, वाहन उत्सर्जन और ठंडी सुबहें मानी जाती हैं। हवा में बढ़ते कण (PM2.5 और PM10) सांस के रास्तों में जलन, खाँसी और अस्थमा जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब AQI 300 से ऊपर होता है तो बुज़ुर्गों और बच्चों को घर के अंदर रहने और संवेदनशील समूहों को खुले में कम जाने की सलाह दी जाती है।
बाद में मौसम विभाग ने भी यह संकेत दिया है कि अगले 24 घंटे में हवा की गुणवत्ता इसी तरह खराब रह सकती है, खासकर सुबह के समय धुंध और स्मॉग का असर जारी रहेगा। लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा के उपाय अपनाने, अनावश्यक बाहर निकलने से बचने तथा यदि संभव हो तो मास्क का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।
वहीं, सरकार और प्रशासन संबंधित एजेंसियों से कहा गया है कि वायु प्रदूषण को कम करने के उपायों को तेज किया जाए जैसे कि वाहनों के उत्सर्जन पर नियंत्रण, निर्माण स्थल से धूल रोकना, और हरित क्षेत्रों का विस्तार। इससे शहरवासियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।---
सावधानियाँ:
✔️ संवेदनशील लोगों को बाहर कम जाना चाहिए
✔️ बच्चों और बुज़ुर्गों को विशेष ध्यान रखें
✔️ आवश्यक हो तो मास्क पहनें
अगर आप चाहें तो मैं अलग-अलग इलाकों के AQI की विस्तृत सूची भी एक टेबल में तैयार कर सकता हूँ!