Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
ऊर्जा सुरक्षा पर भारत का संदेश
होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने से वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत, भारत ने अमेरिका-ईरान समझौते का किया स्वागत
23 Jun 2026, 02:42 PM -
Reporter : Mahesh Sharma

ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सकारात्मक संकेत

वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को लेकर लंबे समय से बनी चिंताओं के बीच भारत ने महत्वपूर्ण संदेश दिया है। नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के दौरान भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य के खुले रहने को वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि विश्व के बड़े हिस्से तक कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग के जरिए होती है। ऐसे में यहां स्थिरता और निर्बाध आवाजाही का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ता है। भारत ने अपने वक्तव्य में यह भी संकेत दिया कि ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला मजबूत रहने से वैश्विक व्यापार, औद्योगिक उत्पादन और आर्थिक विकास को गति मिल सकती है। हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता देखी गई थी, लेकिन नए घटनाक्रमों ने राहत की उम्मीद जगाई है। भारत का मानना है कि स्थिर और सुरक्षित समुद्री मार्ग वैश्विक आर्थिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अमेरिका-ईरान समझौते का स्वागत

बैठक के दौरान भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। भारत ने उम्मीद जताई कि संवाद और कूटनीति के माध्यम से विवादों का समाधान निकाला जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि यदि दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ता है तो पश्चिम एशिया में तनाव कम हो सकता है और इसका लाभ पूरे विश्व को मिलेगा। भारत लंबे समय से बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थक रहा है। इसी नीति के तहत उसने समझौते को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखा है। ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों के लिए यह घटनाक्रम विशेष महत्व रखता है क्योंकि क्षेत्रीय शांति से तेल और गैस की आपूर्ति अधिक स्थिर रह सकती है। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान टकराव नहीं बल्कि संवाद और सहयोग के जरिए ही संभव है।

ब्रिक्स मंच की बढ़ती अहमियत

ब्रिक्स देशों की बैठक में बहुपक्षीय सहयोग और वैश्विक संस्थाओं की भूमिका पर भी विस्तृत चर्चा हुई। भारत ने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में बहुपक्षवाद को मजबूत करने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। दुनिया कई आर्थिक, सुरक्षा और जलवायु संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनका समाधान किसी एक देश के लिए अकेले संभव नहीं है। ऐसे समय में ब्रिक्स जैसे मंच विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की आवाज को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। भारत का मानना है कि सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ने से वैश्विक संतुलन और स्थिरता को मजबूती मिलेगी। हाल के वर्षों में ब्रिक्स के विस्तार ने इसकी वैश्विक उपस्थिति और प्रभाव को भी बढ़ाया है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता प्रभाव

ऊर्जा आपूर्ति में स्थिरता केवल तेल और गैस तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसका असर परिवहन, विनिर्माण, कृषि और उपभोक्ता बाजारों तक दिखाई देता है। यदि ऊर्जा की उपलब्धता सुचारु रहती है तो उत्पादन लागत नियंत्रित रहती है और महंगाई पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार होर्मुज मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा कर सकती है। इसलिए भारत ने इस समुद्री मार्ग के महत्व को रेखांकित किया है। ऊर्जा आयात करने वाले देशों के लिए यह मुद्दा आर्थिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों पर विशेष ध्यान दे रहा है।

सहयोग आधारित सुरक्षा व्यवस्था पर जोर

बैठक में वैश्विक सुरक्षा ढांचे को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। भारत ने कहा कि बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों में सहयोग आधारित सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है। आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री मार्गों की सुरक्षा जैसे मुद्दे आज सभी देशों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। भारत ने इस बात पर जोर दिया कि साझा चुनौतियों का मुकाबला केवल साझा प्रयासों से ही किया जा सकता है। इसी सोच के तहत ब्रिक्स देशों के बीच संवाद और समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि सामूहिक रणनीति अपनाने से वैश्विक स्तर पर स्थिरता और विश्वास का वातावरण मजबूत हो सकता है।

भविष्य की दिशा पर टिकी निगाहें

वर्तमान घटनाक्रमों ने वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों को नई दिशा देने की संभावनाएं पैदा की हैं। अमेरिका-ईरान समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिरता को लेकर बनी सकारात्मक स्थिति आने वाले समय में ऊर्जा बाजारों के लिए राहत भरी साबित हो सकती है। भारत ने जिस प्रकार संवाद, सहयोग और बहुपक्षीय व्यवस्था का समर्थन किया है, वह उसकी संतुलित विदेश नीति को भी दर्शाता है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्षेत्रीय परिस्थितियां किस दिशा में आगे बढ़ती हैं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रयास कितने प्रभावी साबित होते हैं। फिलहाल भारत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह शांति, स्थिरता और सुरक्षित ऊर्जा आपूर्ति को वैश्विक विकास के लिए आवश्यक मानता है तथा इसी दिशा में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।


Latest News

Feed shows today's latest first, then previous days to complete up to 50 items.
thumb
সংবাদকর্মীদের উপর হামলার প্রতিবাদে কলকাতায় বিক্ষোভ, -- তিরঙ্গা যাত্রা
July 28, 2026
thumb
मेरठ में पब्लिक स्कूल संचालक की गुंडागर्दी
July 25, 2026
thumb
প্রশ্নপত্র ফাঁসে কড়া বার্তা প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র দামোদরদাস মোদির.
July 25, 2026
thumb
UP: ‘विवि के हॉस्टलों में होती है ड्रग्स सप्लाई, कुलपतियों को दिखा चुकी हूं तस्वीरें’ मेरठ में बोलीं राज्यपाल
July 23, 2026
thumb
लखनऊ में एक और अग्निकांड, मेरठ प्रशासन अब भी नहीं ले रहा है सबक
July 21, 2026
thumb
UP: त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ की मौत, बागपत में सदमे में परिवार; नीरव मोदी केस में थे जांच अधिकारी
July 21, 2026
thumb
CDO की कुर्सी, 33 साल पुरानी यादें और आशीर्वाद: मेरठ में UP के मुख्य सचिव एसपी गोयल के भावुक पल
July 20, 2026
thumb
एक ही बैरक में पति की हत्यारन मुस्कान समेत पांच महिलाएं, जेल में कर रहीं भजन-कीर्तन और सिलाई का काम
July 20, 2026
thumb
अस्पताल में नर्स को जहर का इंजेक्शन देकर मौत के घाट उतारा, शादी से छुटकारा पाने के लिए प्रेमी ने रची साजिश
July 19, 2026
thumb
मेरठ में धोखाधड़ी के मामले में वकील को पकड़ने आई देहरादून पुलिस को कचहरी में बनाया बंधक, कमरे में किया बंद
July 19, 2026