Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
BREAKING NEWS
बस ड्राइवर के बेटे ने रचा इतिहास
तीन बार फेल होने के बाद भी नहीं बनी हर चौथे प्रयास में बने IAS
16 Feb 2026, 05:28 PM Uttar Pradesh - Moradabad
Reporter : Arun Mishra
ADVERTISEMENT Sponsored
Ad
Open
Moradabad मुरादाबाद के छोटे से गांव से निकलकर मोइन अहमद ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और धैर्य से कोई भी बड़ा सपना पूरा किया जा सकता है। आईए जानते हैं उनकी सफलता की कहानी-
देश के लाखों युवा IAS बनने का सपना देखते हैं लेकिन इस सपने को पूरा करना इतना आसान नहीं होता है। इसलिए सालों की कड़ी मेहनत और धैर्य तथा मजबूत इरादों की जरूरत होती है।
ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है मुरादाबाद के जटपुरा गांव के रहने वाले मोइन अहमद की, जिन्होंने आर्थिक परेशानियों का सामना करते हुए आईएएस बनने तक का सफर तय किया।

मोइन अहमद मुरादाबाद के दिलारी क्षेत्र के जटपुरा गांव के रहने वाले हैं. उनका परिवार साधारण जीवन जीता था. उनके पिता वली हसन उत्तर प्रदेश रोडवेज में कॉन्ट्रैक्ट बस ड्राइवर थे. घर की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी. परिवार में पांच भाई-बहन थे और मोइन दूसरे नंबर पर आते हैं. ऐसे माहौल में पढ़ाई जारी रखना ही अपने आप में एक चुनौती था, लेकिन मोइन ने बचपन से ही बड़ा अफसर बनने का सपना देख लिया था.

मेहनत से सपना किया पूरा
मोइन का सपना था कि वह UPSC पास करके IAS ऑफिसर बनें. लेकिन इस परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं होता, क्योंकि इसके लिए महंगी कोचिंग और अच्छे संसाधनों की जरूरत होती है. मोइन के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह बड़े कोचिंग संस्थानों में पढ़ सकें. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और खुद मेहनत करके तैयारी करने का फैसला लिया.

तीन बार मिली असफलता लेकिन नहीं टूटा हौसला

मोइन ने UPSC परीक्षा की तैयारी शुरू की, लेकिन शुरुआत में उन्हें लगातार तीन बार असफलता मिली. खास बात यह रही कि वह तीनों बार प्रीलिम्स परीक्षा ही पास नहीं कर पाए. इतनी बड़ी असफलता किसी का भी मनोबल तोड़ सकती है, लेकिन मोइन ने इसे अपनी कमजोरी समझकर सुधारने की ठानी. उन्होंने अपनी गलतियों को समझा और तैयारी का तरीका बदल दिया.

साइबर कैफे में काम करके जारी रखी पढ़ाई

आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से मोइन अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिल्ली आ गए. यहां उन्होंने एक साइबर कैफे में नौकरी शुरू की ताकि अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठा सकें. काम करने के बाद भी वह रोज 7 से 8 घंटे पढ़ाई करते थे. उन्होंने समय का सही इस्तेमाल किया और पूरी लगन से तैयारी जारी रखी.

चौथे प्रयास में मिली बड़ी सफलता

लगातार मेहनत और आत्मविश्वास का नतीजा साल 2022 में देखने को मिला. मोइन ने चौथे प्रयास में UPSC परीक्षा पास कर ली. उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 296 हासिल की थी.