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मुनाफे में 61% गिरावट
सालाना आधार पर कंपनी का मुनाफा 61 प्रतिशत घटा
61 प्रतिशत मुनाफा घटा एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर लुढ़का लेकिन ब्रोकरेज ने दिया खरीद सुझाव
12 Feb 2026, 03:28 PM
Haryana -
Gurgaon
Reporter :
Mahesh Sharma
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Gurgaon घरेलू बाजार में उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया को चालू वित्त वर्ष की तिमाही में बड़ा झटका लगा है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 61 प्रतिशत तक गिर गया है, जिसके बाद शेयर बाजार में इसके स्टॉक में तेज गिरावट देखने को मिली। गुरुवार के कारोबारी सत्र में निवेशकों की बिकवाली के चलते शेयर दबाव में रहा।
कंपनी के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल की समान तिमाही में जहां उसे लगभग 320 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था, वहीं इस बार यह आंकड़ा काफी नीचे आ गया है। इसके साथ ही ऑपरेशनल रेवेन्यू में भी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी की आय 6 प्रतिशत घटकर 4,114 करोड़ रुपये पर आ गई, जबकि पिछली तिमाही में यह 6,174 करोड़ रुपये के स्तर पर थी। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर भी प्रदर्शन कमजोर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मांग में सुस्ती, बढ़ती लागत और प्रतिस्पर्धा के दबाव का असर कंपनी के नतीजों पर पड़ा है। कच्चे माल की कीमतों और वितरण लागत में वृद्धि ने मार्जिन को प्रभावित किया है। इसके अलावा उपभोक्ता खर्च में कमी भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
हालांकि, गिरावट के बावजूद कुछ ब्रोकरेज हाउस कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक रुख बनाए हुए हैं। ICICI सिक्योरिटीज ने एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया पर ‘बाय’ रेटिंग दी है और 1,746 रुपये का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा गिरावट के बाद स्टॉक आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध है और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर हो सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी की मजबूत ब्रांड वैल्यू, व्यापक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो उसे प्रतिस्पर्धा में बनाए रखते हैं। यदि आने वाली तिमाहियों में मांग में सुधार होता है और लागत नियंत्रण बेहतर रहता है, तो मुनाफे में रिकवरी संभव है।
फिलहाल निवेशकों के सामने दोहरी स्थिति है—एक ओर कमजोर तिमाही नतीजे हैं, तो दूसरी ओर ब्रोकरेज की सकारात्मक सिफारिशें। बाजार विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश से पहले जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखना चाहिए।
कुल मिलाकर, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के ताजा नतीजों ने शेयर बाजार में हलचल जरूर पैदा की है, लेकिन लंबी अवधि की संभावनाएं अब भी चर्चा में बनी हुई हैं। आने वाली तिमाहियों में कंपनी का प्रदर्शन इस स्टॉक की दिशा तय करेगा।
कंपनी के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल की समान तिमाही में जहां उसे लगभग 320 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था, वहीं इस बार यह आंकड़ा काफी नीचे आ गया है। इसके साथ ही ऑपरेशनल रेवेन्यू में भी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी की आय 6 प्रतिशत घटकर 4,114 करोड़ रुपये पर आ गई, जबकि पिछली तिमाही में यह 6,174 करोड़ रुपये के स्तर पर थी। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर भी प्रदर्शन कमजोर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मांग में सुस्ती, बढ़ती लागत और प्रतिस्पर्धा के दबाव का असर कंपनी के नतीजों पर पड़ा है। कच्चे माल की कीमतों और वितरण लागत में वृद्धि ने मार्जिन को प्रभावित किया है। इसके अलावा उपभोक्ता खर्च में कमी भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
हालांकि, गिरावट के बावजूद कुछ ब्रोकरेज हाउस कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक रुख बनाए हुए हैं। ICICI सिक्योरिटीज ने एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया पर ‘बाय’ रेटिंग दी है और 1,746 रुपये का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा गिरावट के बाद स्टॉक आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध है और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर हो सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी की मजबूत ब्रांड वैल्यू, व्यापक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो उसे प्रतिस्पर्धा में बनाए रखते हैं। यदि आने वाली तिमाहियों में मांग में सुधार होता है और लागत नियंत्रण बेहतर रहता है, तो मुनाफे में रिकवरी संभव है।
फिलहाल निवेशकों के सामने दोहरी स्थिति है—एक ओर कमजोर तिमाही नतीजे हैं, तो दूसरी ओर ब्रोकरेज की सकारात्मक सिफारिशें। बाजार विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश से पहले जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखना चाहिए।
कुल मिलाकर, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के ताजा नतीजों ने शेयर बाजार में हलचल जरूर पैदा की है, लेकिन लंबी अवधि की संभावनाएं अब भी चर्चा में बनी हुई हैं। आने वाली तिमाहियों में कंपनी का प्रदर्शन इस स्टॉक की दिशा तय करेगा।