Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
वायरल हुई मुख्यमंत्री की लग्जरी कुर्सी
दिल्ली मुख्यमंत्री की लग्जरी इलेक्ट्रिक कुर्सी चर्चा में, वायरल तस्वीरों के बाद फीचर्स और कीमत पर बढ़ी बहस
27 May 2026, 03:44 PM Delhi - New Delhi
Reporter : Mahesh Sharma
New Delhi

सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ी चर्चा

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यालय में दिखाई देने वाली एक लग्जरी इलेक्ट्रिक कुर्सी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इंटरनेट पर वायरल हुई तस्वीरों में यह कुर्सी सामान्य ऑफिस चेयर से अलग दिखाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि यह एक प्रीमियम रिक्लाइनर चेयर है, जिसमें कई आधुनिक इलेक्ट्रिक फीचर्स दिए गए हैं। तस्वीर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों ने इस तरह की अन्य कुर्सियों की तस्वीरें और जानकारी साझा करनी शुरू कर दी। कई यूजर्स ने इसे लग्जरी और आरामदायक तकनीक का उदाहरण बताया, जबकि कुछ लोगों ने सरकारी पदों पर इस तरह की सुविधाओं को लेकर सवाल भी उठाए। वायरल तस्वीरों ने इंटरनेट पर बहस का माहौल बना दिया है। लोगों के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि आखिर इस कुर्सी में ऐसे कौन-कौन से फीचर्स मौजूद हैं, जिनकी वजह से यह अचानक चर्चा में आ गई। सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिसके कारण यह मामला तेजी से ट्रेंड करने लगा है।

इलेक्ट्रिक फीचर्स ने लोगों को चौंकाया

वायरल तस्वीरों में दिखाई देने वाली कुर्सी को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें कई आधुनिक इलेक्ट्रिक सुविधाएं मौजूद हैं। सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारियों के अनुसार इस कुर्सी में मल्टी-पॉइंट मसाज सिस्टम, इलेक्ट्रिक रिक्लाइनिंग सपोर्ट और जीरो ग्रैविटी मोड जैसी सुविधाएं दी गई हैं। जीरो ग्रैविटी फीचर का उपयोग आमतौर पर शरीर के दबाव को कम करने और अधिक आराम देने के लिए किया जाता है। इसके अलावा कुर्सी में ऑटोमेटिक फुटरेस्ट भी होने की बात कही जा रही है, जिससे उपयोगकर्ता अपने पैरों को आरामदायक स्थिति में रख सकता है। कुछ यूजर्स ने दावा किया कि यह कुर्सी लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई है। इंटरनेट पर वायरल हो रही जानकारी के अनुसार इसमें इलेक्ट्रिक कंट्रोल बटन और एडजस्टेबल पोजिशनिंग सिस्टम भी मौजूद हो सकता है। हालांकि कुर्सी के मॉडल और आधिकारिक कीमत को लेकर अभी तक कोई औपचारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।

कीमत को लेकर शुरू हुई बहस

कुर्सी की तस्वीर वायरल होने के बाद इसकी संभावित कीमत को लेकर भी बहस तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने दावा किया कि यह एक हाई-एंड लग्जरी रिक्लाइनर चेयर है, जिसकी कीमत लाखों रुपये तक हो सकती है। कई यूजर्स ने इंटरनेट पर उपलब्ध समान मॉडल की कुर्सियों की तस्वीरें और प्रोडक्ट लिंक साझा करते हुए उनके फीचर्स और कीमतों की तुलना की। कुछ लोगों का कहना है कि आधुनिक कार्यालयों और लंबे समय तक काम करने वाले अधिकारियों के लिए आरामदायक फर्नीचर जरूरी होता है, जबकि दूसरी ओर कई लोगों ने इसे अनावश्यक विलासिता बताया। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। कुछ लोगों ने इसे व्यक्तिगत सुविधा और स्वास्थ्य से जोड़कर देखा, वहीं कुछ यूजर्स ने सरकारी खर्च और सार्वजनिक छवि के संदर्भ में सवाल उठाए। वायरल तस्वीरों ने एक साधारण फर्नीचर को राष्ट्रीय स्तर की चर्चा का विषय बना दिया है। फिलहाल कुर्सी की वास्तविक कीमत और खरीद से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इंटरनेट पर इसकी चर्चा लगातार बढ़ती जा रही है।

आरामदायक तकनीक का बढ़ता नया चलन

विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक ऑफिस और कार्यस्थलों में आरामदायक तकनीक वाले फर्नीचर का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। लंबे समय तक लगातार बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए अब ऐसी कुर्सियां डिजाइन की जा रही हैं, जिनमें शरीर को आराम देने वाली सुविधाएं मौजूद हों। इलेक्ट्रिक रिक्लाइनर चेयर, मसाज सिस्टम और ऑटोमेटिक फुटरेस्ट जैसी तकनीकें पहले केवल लग्जरी उत्पादों तक सीमित मानी जाती थीं, लेकिन अब कॉर्पोरेट और प्रशासनिक कार्यालयों में भी इनका इस्तेमाल बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गलत तरीके से लंबे समय तक बैठने से कमर, गर्दन और रीढ़ की समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसी कारण एर्गोनॉमिक डिजाइन वाली कुर्सियों की मांग लगातार बढ़ रही है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस कुर्सी ने तकनीक और सुविधा के साथ-साथ सरकारी पदों पर इस्तेमाल होने वाली लग्जरी वस्तुओं को लेकर नई बहस भी शुरू कर दी है। लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या ऐसी सुविधाएं केवल आराम के लिए हैं या वास्तव में स्वास्थ्य और कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करती हैं।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

वायरल तस्वीरों के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ यूजर्स ने कुर्सी के फीचर्स की तारीफ करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस फर्नीचर कार्यक्षमता और आराम दोनों बढ़ाते हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों ने इसे दिखावा और अनावश्यक खर्च करार दिया। कई यूजर्स ने मजाकिया पोस्ट और मीम्स भी साझा किए, जिनमें कुर्सी के जीरो ग्रैविटी और मसाज फीचर्स को लेकर हास्यपूर्ण टिप्पणियां की गईं। इंटरनेट पर लोगों ने समान डिजाइन वाली कुर्सियों की तस्वीरें पोस्ट करते हुए उनके फीचर्स और संभावित कीमतों की जानकारी भी साझा की। सोशल मीडिया विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति से जुड़ी छोटी चीज भी इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो जाती है और फिर उस पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आने लगती है। यही वजह है कि यह कुर्सी अब केवल एक फर्नीचर नहीं बल्कि सोशल मीडिया चर्चा का बड़ा विषय बन चुकी है। आने वाले दिनों में भी यह मामला ऑनलाइन चर्चाओं में बना रह सकता है।

तकनीक और राजनीति का बना नया मुद्दा

इस पूरे मामले ने तकनीक, आरामदायक जीवनशैली और राजनीति के मेल को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। एक ओर लोग आधुनिक सुविधाओं और तकनीक को कार्यक्षमता से जोड़कर देख रहे हैं, तो दूसरी ओर सरकारी पदों पर इस्तेमाल होने वाली लग्जरी वस्तुओं को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आज के समय में डिजिटल और सोशल मीडिया के दौर में किसी भी तस्वीर या वीडियो का तेजी से वायरल होना सामान्य बात बन चुका है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री कार्यालय की एक कुर्सी भी राष्ट्रीय स्तर की चर्चा का विषय बन गई। फिलहाल कुर्सी को लेकर इंटरनेट पर तरह-तरह की जानकारियां और दावे सामने आ रहे हैं। हालांकि आधिकारिक रूप से इसके फीचर्स और कीमत को लेकर कोई विस्तृत पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है और लोग आधुनिक तकनीक वाले फर्नीचर को लेकर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।






Latest News

Feed shows today's latest first, then previous days to complete up to 50 items.
thumb
সংবাদকর্মীদের উপর হামলার প্রতিবাদে কলকাতায় বিক্ষোভ, -- তিরঙ্গা যাত্রা
July 28, 2026
thumb
मेरठ में पब्लिक स्कूल संचालक की गुंडागर्दी
July 25, 2026
thumb
প্রশ্নপত্র ফাঁসে কড়া বার্তা প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র দামোদরদাস মোদির.
July 25, 2026
thumb
UP: ‘विवि के हॉस्टलों में होती है ड्रग्स सप्लाई, कुलपतियों को दिखा चुकी हूं तस्वीरें’ मेरठ में बोलीं राज्यपाल
July 23, 2026
thumb
लखनऊ में एक और अग्निकांड, मेरठ प्रशासन अब भी नहीं ले रहा है सबक
July 21, 2026
thumb
UP: त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ की मौत, बागपत में सदमे में परिवार; नीरव मोदी केस में थे जांच अधिकारी
July 21, 2026
thumb
CDO की कुर्सी, 33 साल पुरानी यादें और आशीर्वाद: मेरठ में UP के मुख्य सचिव एसपी गोयल के भावुक पल
July 20, 2026
thumb
एक ही बैरक में पति की हत्यारन मुस्कान समेत पांच महिलाएं, जेल में कर रहीं भजन-कीर्तन और सिलाई का काम
July 20, 2026
thumb
अस्पताल में नर्स को जहर का इंजेक्शन देकर मौत के घाट उतारा, शादी से छुटकारा पाने के लिए प्रेमी ने रची साजिश
July 19, 2026
thumb
मेरठ में धोखाधड़ी के मामले में वकील को पकड़ने आई देहरादून पुलिस को कचहरी में बनाया बंधक, कमरे में किया बंद
July 19, 2026