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चांदी में ऐतिहासिक गिरावट
एमसीएक्स पर चांदी के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज हुई
सोना-चांदी में भारी गिरावट, चांदी 8000 टूटी, निवेशकों में बढ़ी बेचैनी
16 Feb 2026, 11:00 AM
Maharashtra -
Mumbai
Reporter :
Mahesh Sharma
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Mumbai सप्ताह की शुरुआत के साथ ही देश के सर्राफा और वायदा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर कारोबार खुलते ही चांदी के दामों में जोरदार गिरावट देखने को मिली। वायदा बाजार में 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी करीब 8000 रुपये तक टूट गई। इससे निवेशकों के बीच हलचल मच गई और बाजार में बेचैनी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, 1 किलो चांदी का भाव अपने हालिया उच्च स्तर से लगभग 1.84 लाख रुपये नीचे आ चुका है। यह गिरावट पिछले कुछ सत्रों से जारी दबाव का परिणाम मानी जा रही है। वैश्विक बाजार में कमजोरी और डॉलर की मजबूती का असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। अंतरराष्ट्रीय संकेत कमजोर रहने के कारण निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे कीमतों में तेज फिसलन आई।
सोने की कीमतों में भी इसी तरह की गिरावट दर्ज की गई। एमसीएक्स पर अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना कारोबार शुरू होते ही दबाव में आ गया। सोने के दामों में आई गिरावट ने उन निवेशकों को झटका दिया, जिन्होंने हाल के उच्च स्तरों पर खरीदारी की थी। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट आंशिक मुनाफावसूली का परिणाम हो सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका समेत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से मिले आर्थिक संकेतों ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों से दूरी बना रहे हैं। इसका सीधा असर सोना-चांदी की कीमतों पर देखा गया।
सर्राफा बाजार के कारोबारियों का कहना है कि आगामी शादी सीजन को देखते हुए ग्राहकों के लिए यह गिरावट राहत भरी हो सकती है। हालांकि, बाजार की मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए खरीदारी सोच-समझकर करने की सलाह दी जा रही है। छोटे निवेशकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत बताई जा रही है, क्योंकि तेजी और गिरावट दोनों ही स्थितियों में जोखिम बढ़ा हुआ है।
आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख, डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर नजर रहेगी। यदि वैश्विक स्तर पर दबाव बना रहता है, तो कीमती धातुओं की कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है। फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल है और निवेशक अगली दिशा तय होने का इंतजार कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, 1 किलो चांदी का भाव अपने हालिया उच्च स्तर से लगभग 1.84 लाख रुपये नीचे आ चुका है। यह गिरावट पिछले कुछ सत्रों से जारी दबाव का परिणाम मानी जा रही है। वैश्विक बाजार में कमजोरी और डॉलर की मजबूती का असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। अंतरराष्ट्रीय संकेत कमजोर रहने के कारण निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे कीमतों में तेज फिसलन आई।
सोने की कीमतों में भी इसी तरह की गिरावट दर्ज की गई। एमसीएक्स पर अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना कारोबार शुरू होते ही दबाव में आ गया। सोने के दामों में आई गिरावट ने उन निवेशकों को झटका दिया, जिन्होंने हाल के उच्च स्तरों पर खरीदारी की थी। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट आंशिक मुनाफावसूली का परिणाम हो सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका समेत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से मिले आर्थिक संकेतों ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों से दूरी बना रहे हैं। इसका सीधा असर सोना-चांदी की कीमतों पर देखा गया।
सर्राफा बाजार के कारोबारियों का कहना है कि आगामी शादी सीजन को देखते हुए ग्राहकों के लिए यह गिरावट राहत भरी हो सकती है। हालांकि, बाजार की मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए खरीदारी सोच-समझकर करने की सलाह दी जा रही है। छोटे निवेशकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत बताई जा रही है, क्योंकि तेजी और गिरावट दोनों ही स्थितियों में जोखिम बढ़ा हुआ है।
आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख, डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर नजर रहेगी। यदि वैश्विक स्तर पर दबाव बना रहता है, तो कीमती धातुओं की कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है। फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल है और निवेशक अगली दिशा तय होने का इंतजार कर रहे हैं।