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सुंदर ठाकुर हिमाचल में मंत्री
CM सुक्खू कैबिनेट बदलाव कुल्लू प्रतिनिधित्व पर्यटन प्रोजेक्ट्स चर्चा तेज
हिमाचल कैबिनेट में बदलाव सुंदर सिंह ठाकुर मंत्री बने राजनीतिक चर्चा तेज
19 Feb 2026, 02:46 PM Uttarakhand - Dehradun
Reporter : Mahesh Sharma
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Dehradun देहरादून: हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट में बदलाव की आहट ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को विधानसभा में घोषणा की कि कुल्लू से कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा। यह निर्णय राजनीतिक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर लिया गया है।

इस बदलाव की शुरुआत उस समय हुई जब राजस्व घाटा अनुदान पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और सुंदर सिंह ठाकुर के बीच तीखी बहस हुई। चर्चा के दौरान आरोप और तर्कों का आदान-प्रदान हुआ, जिसने राजनीतिक हलकों में चिंतन को और तेज कर दिया।

सुंदर सिंह ठाकुर के मंत्री बनने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह बदलाव केवल एक ही नाम तक सीमित रहेगा या कैबिनेट में और भी फेरबदल संभव है। विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्यमंत्री सुक्खू इस कदम के माध्यम से कुल्लू जिले का राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर रहे हैं और पार्टी के भीतर संतुलन बनाए रखना चाहते हैं।

इस अवसर पर पर्यटन और इको-टूरिज्म को भी प्राथमिकता दी गई है। बर्शैणी से खीरगंगा रोपवे प्रस्ताव, ईको-ट्रेल, ईको-कार्ट और घुड़सवारी ट्रेल जैसे परियोजनाओं पर काम तेज किया जाएगा। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़े और पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार सृजन भी हो।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कैबिनेट में यह बदलाव न केवल स्थानीय नेताओं और जनता के बीच संतुलन बनाए रखने का संकेत है, बल्कि यह राज्य के विकास और पर्यटन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का भी एक कदम है। सुंदर सिंह ठाकुर के मंत्री बनने से कुल्लू जिले की आवाज विधानसभा में मजबूत होगी और स्थानीय मुद्दों पर निर्णय लेने में आसानी होगी।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस घोषणा के दौरान कहा कि सरकार जनता की उम्मीदों और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर निर्णय ले रही है। उन्होंने सभी कैबिनेट सदस्यों और नए मंत्री को आगामी योजनाओं और विकास कार्यों पर फोकस करने के निर्देश दिए।

राजनीतिक विशेषज्ञ यह मानते हैं कि हिमाचल प्रदेश में चुनावी मौसम और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के मद्देनजर इस तरह के बदलाव समय की मांग थे। अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में कैबिनेट में और क्या बदलाव होते हैं और यह राज्य की नीति एवं विकास योजनाओं को कैसे प्रभावित करता है।

इस कैबिनेट बदलाव के साथ हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक संतुलन और क्षेत्रीय विकास की दिशा में नया अध्याय शुरू हुआ है।