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पैन कार्ड अनिवार्य संपत्ति खरीद
यूपी में अब रजिस्ट्री के लिए पैन कार्ड अनिवार्य
यूपी सरकार ने पैन कार्ड अनिवार्य किया, विदेशी फंडिंग से संपत्ति खरीद पर रोक
06 Feb 2026, 11:38 PM
Uttar Pradesh -
Lucknow
Reporter :
Mahesh Sharma
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Lucknow लखनऊ, उत्तर प्रदेश – उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब प्रदेश के किसी भी जिले में संपत्ति खरीदने या बेचने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। इस फैसले का मकसद पारदर्शिता बढ़ाना और अवैध लेन-देन पर रोक लगाना बताया गया है।
सरकार ने सभी जिलों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि रजिस्ट्री के समय पैन कार्ड के बिना कोई भी सौदा पूरा नहीं होगा। चाहे सौदा छोटे घर का हो या बड़े व्यवसायिक भवन का, नियम सभी के लिए समान रूप से लागू होगा।
यह कदम विशेष रूप से इंडो-नेपाल बॉर्डर के जिलों में विदेशी फंडिंग के जरिए संपत्ति खरीद पर रोक लगाने के प्रयासों के तहत लिया गया है। पिछले कुछ वर्षों में इस सीमा के जिलों – गोरखपुर, महाराजगंज, संत कबीरनगर, कुशीनगर, देवरिया, बलिया और बहराइच – में विदेशी फंडिंग के जरिए संपत्तियों की खरीद बढ़ी थी। सरकार का मानना है कि पैन कार्ड अनिवार्यता से न सिर्फ अवैध लेन-देन पर अंकुश लगेगा बल्कि उन लोगों की पहचान भी हो सकेगी जो विदेशी पैसों के जरिए संपत्ति खरीद रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि नया नियम पूरे प्रदेश में लागू होगा और रजिस्ट्री ऑफिस में इसका सख्ती से पालन किया जाएगा। इसके साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संपत्ति लेन-देन में वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे और कर चोरी जैसी गतिविधियों पर रोक लगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि पैन कार्ड अनिवार्यता से न सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड अपडेट होंगे बल्कि संपत्ति बाजार में स्वच्छ और कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही यह कदम विदेशी फंडिंग के माध्यम से राजनीतिक या गैरकानूनी गतिविधियों पर भी नियंत्रण करने में मदद करेगा।
सरकार ने जनता से अपील की है कि पैन कार्ड के बिना किसी संपत्ति सौदे में न फँसें और सभी लेन-देन को कानून के अनुसार पूरा करें। नए नियम के तहत, रजिस्ट्री और दस्तावेज़ों में पैन कार्ड की जांच अनिवार्य होगी।
इस कदम को अचल संपत्ति बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
सरकार ने सभी जिलों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि रजिस्ट्री के समय पैन कार्ड के बिना कोई भी सौदा पूरा नहीं होगा। चाहे सौदा छोटे घर का हो या बड़े व्यवसायिक भवन का, नियम सभी के लिए समान रूप से लागू होगा।
यह कदम विशेष रूप से इंडो-नेपाल बॉर्डर के जिलों में विदेशी फंडिंग के जरिए संपत्ति खरीद पर रोक लगाने के प्रयासों के तहत लिया गया है। पिछले कुछ वर्षों में इस सीमा के जिलों – गोरखपुर, महाराजगंज, संत कबीरनगर, कुशीनगर, देवरिया, बलिया और बहराइच – में विदेशी फंडिंग के जरिए संपत्तियों की खरीद बढ़ी थी। सरकार का मानना है कि पैन कार्ड अनिवार्यता से न सिर्फ अवैध लेन-देन पर अंकुश लगेगा बल्कि उन लोगों की पहचान भी हो सकेगी जो विदेशी पैसों के जरिए संपत्ति खरीद रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि नया नियम पूरे प्रदेश में लागू होगा और रजिस्ट्री ऑफिस में इसका सख्ती से पालन किया जाएगा। इसके साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संपत्ति लेन-देन में वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे और कर चोरी जैसी गतिविधियों पर रोक लगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि पैन कार्ड अनिवार्यता से न सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड अपडेट होंगे बल्कि संपत्ति बाजार में स्वच्छ और कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही यह कदम विदेशी फंडिंग के माध्यम से राजनीतिक या गैरकानूनी गतिविधियों पर भी नियंत्रण करने में मदद करेगा।
सरकार ने जनता से अपील की है कि पैन कार्ड के बिना किसी संपत्ति सौदे में न फँसें और सभी लेन-देन को कानून के अनुसार पूरा करें। नए नियम के तहत, रजिस्ट्री और दस्तावेज़ों में पैन कार्ड की जांच अनिवार्य होगी।
इस कदम को अचल संपत्ति बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।