Search News
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
99 प्रतिशत बातचीत पूरी होने का दावा
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही प्रस्तावित ट्रेड डील अब अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही है। वाणिज्य मंत्रालय और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बातचीत के बाद यह संकेत मिले हैं कि लगभग 99 प्रतिशत मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी संकेत दिया है कि समझौते की अधिकांश शर्तों पर दोनों देशों के बीच सहमति बन गई है। अब केवल अंतिम तकनीकी और नीतिगत बिंदुओं पर चर्चा शेष है, जिसके लिए अगले दौर की बैठकें तय की गई हैं। यह डील दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा दे सकती है और निर्यात-आयात में बड़ा बदलाव ला सकती है।
नई दिल्ली में फिर होगी अहम बैठक
सूत्रों के अनुसार, इस ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के लिए 1 जून से नई दिल्ली में फिर से उच्च स्तरीय बैठकें शुरू होंगी। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंच चुका है और दोनों पक्ष ड्राफ्ट समझौते को फाइनल करने की दिशा में काम करेंगे। बैठक में टैरिफ, मार्केट एक्सेस और निवेश नियमों जैसे अहम मुद्दों पर अंतिम चर्चा होने की संभावना है। दोनों देशों का उद्देश्य है कि जल्द से जल्द अंतरिम समझौते को अंतिम रूप दिया जाए ताकि व्यापारिक अनिश्चितता को खत्म किया जा सके।
मंत्रालय ने दिए समझौते के संकेत
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय पहले ही संकेत दे चुका है कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम समझौते का ड्राफ्ट लगभग तैयार हो चुका है। पिछले सप्ताह जारी बयान में कहा गया था कि दोनों पक्ष अधिकांश मुद्दों पर सहमत हैं और केवल अंतिम समन्वय की जरूरत है। यह डील कृषि, टेक्नोलॉजी, सेवा क्षेत्र और औद्योगिक उत्पादों के व्यापार को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत के लिए निर्यात बढ़ाने और विदेशी निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
अमेरिकी राजदूत ने भी दिए संकेत
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी इस समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही परिणाम सामने आ सकते हैं। उनके अनुसार, यह समझौता केवल व्यापारिक नहीं बल्कि रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करेगा। अमेरिका की ओर से लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि भारत के साथ आर्थिक सहयोग को और गहरा किया जाए।
व्यापारिक रिश्तों में बड़ा बदलाव संभव
यदि यह ट्रेड डील अंतिम रूप लेती है तो भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात में तेजी आएगी और कई नए निवेश अवसर पैदा होंगे। साथ ही यह समझौता वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका को और मजबूत करेगा। आने वाले दिनों की बैठकों पर अब पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह समझौता वैश्विक व्यापार पर भी असर डाल सकता है।
Latest News