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मथुरा में नया संग्रहालय
देशी गाय नस्लों के डिजिटल मॉडल प्रदर्शित होंगे
मथुरा में स्थापित होगा देश का पहला राष्ट्रीय गौ संस्कृति संग्रहालय, डिजिटल नस्ल मॉडल होंगे आकर्षण
16 Feb 2026, 12:16 PM Uttar Pradesh - Mathura
Reporter : Mahesh Sharma
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Mathura उत्तर प्रदेश के मथुरा में देश का पहला राष्ट्रीय गौ संस्कृति संग्रहालय स्थापित किया जाएगा। यह अनूठी परियोजना ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और भारतीय गोवंश परंपरा को संरक्षित एवं प्रदर्शित करने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है। संग्रहालय को पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय परिसर में विकसित करने की योजना है।

आगरा मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप के अनुसार, इस संग्रहालय का उद्देश्य भारतीय गोवंश की विभिन्न देशी नस्लों, उनके ऐतिहासिक महत्व और आर्थिक उपयोगिता को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत करना है। यहां गायों की प्रमुख नस्लों के डिजिटल मॉडल तैयार किए जाएंगे, जिनके माध्यम से आगंतुक उनकी विशेषताओं, उत्पादन क्षमता और संरक्षण से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

परियोजना में ब्रज तीर्थ विकास परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। परिषद के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण कर प्रारंभिक तैयारियों की समीक्षा की है। अधिकारियों का मानना है कि यह संग्रहालय ब्रज क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई दिशा देगा।

संग्रहालय का एक प्रमुख आकर्षण दुग्ध और उससे बने उत्पादों—जैसे दूध, दही, पनीर और घी—पर आधारित विशेष प्रदर्शनी होगी। इसमें पारंपरिक और आधुनिक दुग्ध उत्पादन तकनीकों को दर्शाया जाएगा। साथ ही गोपालन से जुड़े वैज्ञानिक अनुसंधान, जैविक खेती में गोवंश की भूमिका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उसके योगदान को भी रेखांकित किया जाएगा।

परियोजना को परंपरा और विज्ञान के संगम के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां इंटरएक्टिव गैलरी, ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति और डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों को व्यापक जानकारी दी जाएगी। इससे न केवल सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि गोवंश संरक्षण और अनुसंधान को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि संग्रहालय के निर्माण से मथुरा को एक नई पहचान मिलेगी। ब्रज क्षेत्र पहले ही धार्मिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है, और यह पहल सांस्कृतिक पर्यटन को भी मजबूती देगी। आने वाले समय में यह संग्रहालय देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

फिलहाल परियोजना की औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल भारतीय परंपरा, गोसंवर्धन और आधुनिक तकनीक के समन्वय का उदाहरण बनेगी।