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अमेरिकी बाजार में गिरावट
वैश्विक बाजारों में AI को लेकर बढ़ी अनिश्चितता
AI चिंता से हिला ग्लोबल बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज
13 Feb 2026, 10:22 AM Maharashtra - Mumbai
Reporter : Mahesh Sharma
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Mumbai ग्लोबल स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती चिंताओं ने शेयर बाजारों में भारी उथल-पुथल मचा दी है। अमेरिका से शुरू हुई गिरावट का असर अब भारतीय बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक BSE Sensex 772.19 अंक यानी 0.92% टूटकर 82,902.73 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty 50 200.30 अंक यानी 0.78% गिरकर 25,606.90 पर आ गया।

बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा असर आईटी सेक्टर पर देखने को मिला। एआई आधारित नई तकनीकों के आने से पारंपरिक आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर खतरे की आशंका जताई जा रही है। इसके चलते TCS और Infosys जैसे दिग्गज शेयरों में तेज बिकवाली हुई।

बीएसई पर कुल 3,337 शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 2,327 शेयर गिरावट में रहे, जबकि केवल 847 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। 163 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। 41 शेयर 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचे, जबकि 106 शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर फिसल गए।

अमेरिकी बाजारों में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है। निवेशकों को डर है कि तेजी से विकसित हो रहे एआई टूल्स पारंपरिक कंपनियों के मुनाफे को प्रभावित कर सकते हैं। इसी डर का असर एशियाई बाजारों में भी दिखा और जापान, हांगकांग तथा दक्षिण कोरिया के बाजारों में भी कमजोरी रही।

विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से सेंटिमेंट आधारित है। यदि कंपनियां नई तकनीकों के साथ तालमेल बिठाने में सफल रहती हैं, तो आने वाले समय में स्थिति सुधर सकती है। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने और लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

घरेलू स्तर पर भी विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

कुल मिलाकर, एआई से जुड़ी आशंकाओं ने वैश्विक वित्तीय बाजारों को हिला दिया है। अब सभी की निगाहें आने वाले आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों की तिमाही रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो बाजार की दिशा तय कर सकती हैं।