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मानदेय वृद्धि की घोषणा
3 लाख से अधिक कर्मियों को मिलेगा लाभ
यूपी में आंगनबाड़ी कर्मियों को बड़ा तोहफा, योगी सरकार ने मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया
17 Feb 2026, 05:08 PM
Uttar Pradesh -
Lucknow
Reporter :
Mahesh Sharma
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Lucknow उत्तर प्रदेश की लाखों आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके मानदेय में वृद्धि की घोषणा की है। इस फैसले से प्रदेश की करीब 3.10 लाख महिला कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में वर्तमान में लगभग 1,82,000 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और 1,28,000 से ज्यादा सहायिकाएं कार्यरत हैं। ये सभी महिला एवं बाल विकास योजनाओं के तहत पोषण, टीकाकरण जागरूकता, प्री-स्कूल शिक्षा और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाती हैं। लंबे समय से ये कर्मचारी मानदेय बढ़ाने की मांग कर रही थीं।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि मौजूदा वेतन संरचना में संशोधन किया जाएगा। अभी एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री को लगभग 8,000 रुपये प्रतिमाह (मानदेय, अतिरिक्त मानदेय और प्रोत्साहन राशि सहित) मिलते हैं। नई घोषणा के बाद उनके मासिक भुगतान में बढ़ोतरी होगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि विभाग में रिक्त पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। वर्तमान में कार्यकत्री के हजारों पद और सहायिकाओं के बड़ी संख्या में पद खाली हैं। इन पदों पर भर्ती से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों तक पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका बेहद अहम है। उनके मानदेय में वृद्धि से कार्य के प्रति उत्साह और जिम्मेदारी की भावना और मजबूत होगी।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह फैसला अहम माना जा रहा है। राज्य सरकार ने इसे जनहित में उठाया गया कदम बताया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
कुल मिलाकर, इस घोषणा से प्रदेश की लाखों महिलाओं को आर्थिक राहत मिलेगी और आंगनबाड़ी व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि मानदेय वृद्धि का लाभ किस प्रकार से जमीनी स्तर पर लागू होता है और सेवाओं की गुणवत्ता में कितना सुधार आता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में वर्तमान में लगभग 1,82,000 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और 1,28,000 से ज्यादा सहायिकाएं कार्यरत हैं। ये सभी महिला एवं बाल विकास योजनाओं के तहत पोषण, टीकाकरण जागरूकता, प्री-स्कूल शिक्षा और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाती हैं। लंबे समय से ये कर्मचारी मानदेय बढ़ाने की मांग कर रही थीं।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि मौजूदा वेतन संरचना में संशोधन किया जाएगा। अभी एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री को लगभग 8,000 रुपये प्रतिमाह (मानदेय, अतिरिक्त मानदेय और प्रोत्साहन राशि सहित) मिलते हैं। नई घोषणा के बाद उनके मासिक भुगतान में बढ़ोतरी होगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि विभाग में रिक्त पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। वर्तमान में कार्यकत्री के हजारों पद और सहायिकाओं के बड़ी संख्या में पद खाली हैं। इन पदों पर भर्ती से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों तक पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका बेहद अहम है। उनके मानदेय में वृद्धि से कार्य के प्रति उत्साह और जिम्मेदारी की भावना और मजबूत होगी।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह फैसला अहम माना जा रहा है। राज्य सरकार ने इसे जनहित में उठाया गया कदम बताया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
कुल मिलाकर, इस घोषणा से प्रदेश की लाखों महिलाओं को आर्थिक राहत मिलेगी और आंगनबाड़ी व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि मानदेय वृद्धि का लाभ किस प्रकार से जमीनी स्तर पर लागू होता है और सेवाओं की गुणवत्ता में कितना सुधार आता है।