Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
OTP बना जाल
डर, भरोसा और जल्दबाजी से स्कैमर्स उड़ाते हैं जिंदगी की बचत
एक कॉल और एक OTP, मिनटों में खाली हो सकता है बैंक अकाउंट
06 Feb 2026, 07:29 AM Delhi - New Delhi
Reporter : Mahesh Sharma
ADVERTISEMENT Sponsored
Ad
Open
New Delhi डिजिटल इंडिया के दौर में जहां ऑनलाइन भुगतान ने जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों ने भी ठगी के नए-नए रास्ते खोज लिए हैं। इन्हीं में सबसे खतरनाक और तेजी से फैलने वाला तरीका है—OTP स्कैम। एक छोटी सी चूक, एक पल की जल्दबाजी और सालों की मेहनत से कमाई गई रकम मिनटों में गायब हो जाती है।

आमतौर पर इस ठगी की शुरुआत एक फोन कॉल से होती है। कॉल करने वाला खुद को बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर प्रतिनिधि या डिजिटल वॉलेट कंपनी का कर्मचारी बताता है। उसकी आवाज में आत्मविश्वास होता है और बातों में ऐसा भरोसा कि सामने वाला घबरा जाता है। कभी खाते में गड़बड़ी का डर दिखाया जाता है, तो कभी कार्ड ब्लॉक होने की चेतावनी दी जाती है।

इसी डर और जल्दबाजी के बीच स्कैमर OTP मांग लेता है। जैसे ही पीड़ित OTP साझा करता है, स्कैमर को बैंक खाते या UPI एक्सेस मिल जाता है। कुछ ही सेकंड में खाते से बड़ी रकम निकाल ली जाती है और जब तक व्यक्ति को सच्चाई समझ आती है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, OTP स्कैम सिर्फ तकनीक का खेल नहीं है, बल्कि यह दिमाग से खेलने वाली ठगी है। इसमें डर पैदा करना, खुद को अथॉरिटी के रूप में पेश करना और समय का दबाव बनाना शामिल होता है। स्कैमर्स कई बार पीड़ित की हालिया ट्रांजैक्शन या बैंक का नाम भी जानते हैं, जिससे कॉल और ज्यादा भरोसेमंद लगती है।

भारत में UPI और डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ OTP स्कैम के मामले तेजी से बढ़े हैं। खासतौर पर बुजुर्ग, नए स्मार्टफोन यूज़र और कम डिजिटल साक्षरता वाले लोग इसका शिकार बन रहे हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि पढ़े-लिखे और टेक-सेवी लोग भी एक पल की चूक में फंस जाते हैं।

साइबर एक्सपर्ट्स साफ चेतावनी देते हैं कि कोई भी बैंक, वॉलेट कंपनी या सरकारी एजेंसी कभी फोन पर OTP नहीं मांगती। OTP पूरी तरह गोपनीय होता है और इसे साझा करना अपने घर की चाबी अजनबी को देने जैसा है।

यदि किसी को संदेहास्पद कॉल आए, तो तुरंत कॉल काट दें और खुद बैंक के आधिकारिक नंबर पर संपर्क करें। अगर ठगी हो जाए, तो बिना देर किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।

OTP स्कैम से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है—जागरूकता। याद रखें, एक OTP साझा करना सिर्फ एक गलती नहीं, बल्कि आपकी सालों की कमाई को खतरे में डाल सकता है।