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मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में सेटबैक छोड़ने के विरोध में महिलाओं का आंदोलन लगातार जारी है। भीषण गर्मी के बीच 10 अप्रैल से महिलाएं अपने मकानों को बचाने की मांग को लेकर धरने पर बैठी हैं। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। ऐसे में महिलाओं ने 21 जून से सात दिन तक सुंदरकांड पाठ करने का निर्णय लिया है।
28 जून तक समाधान नहीं तो बंद करेंगी गुहार
धरने पर बैठी महिलाओं ने कहा कि वे सात दिनों तक सुंदरकांड का पाठ कर अपनी समस्या के समाधान की प्रार्थना करेंगी। यदि 28 जून तक उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो वे आगे किसी जनप्रतिनिधि या अधिकारी से गुहार नहीं लगाएंगी। गोल मंदिर के पास भी महिलाएं भजन-कीर्तन कर अपने घरों की सुरक्षा की कामना कर रही हैं।
815 संपत्तियों को दिए गए हैं नोटिस
जानकारी के अनुसार अधिकारियों की ओर से क्षेत्र की 815 संपत्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें अल्प आय और दुर्बल आय वर्ग के मकानों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र की महिलाओं का कहना है कि आंदोलन के कारण कई लोगों ने अपने छोटे-छोटे व्यापार भी बंद कर दिए हैं।
40 साल पुराने मकानों को लेकर बढ़ी चिंता
महिलाओं का कहना है कि सेटबैक छोड़ने की प्रक्रिया लागू होने पर कई मकान गिर सकते हैं। उनका दावा है कि अधिकांश मकान पिलर पर नहीं बल्कि चार इंच मोटी दीवारों पर बने हैं। करीब 40 वर्ष पुराने ये मकान किसी प्रकार की तोड़फोड़ झेलने की स्थिति में नहीं हैं। इसी मुद्दे को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है।
15 जून को कानपुर तकनीकी विश्वविद्यालय की टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण भी किया था। वहीं आवास एवं विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता राहुल यादव ने बताया कि टीम चरणबद्ध तरीके से सर्वे कर रही है और यह प्रक्रिया अभी जारी रहेगी। सेंट्रल मार्केट तिरंगा चौक व्यापार संघ के अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने भी 21 जून से शुरू होने वाले सुंदरकांड पाठ की पुष्टि की है।
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