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अंकों से आगे सोचें
पीएम मोदी ने छात्रों को परीक्षा तनाव, करियर और जीवन संतुलन पर मार्गदर्शन दिया
Pariksha Pe Charcha 2026 में पीएम मोदी बोले, अंक नहीं जीवन लक्ष्य तय करते हैं
06 Feb 2026, 05:25 AM
Delhi -
New Delhi
Reporter :
Mahesh Sharma
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New Delhi प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के नौवें संस्करण में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा के दबाव, अंकों की होड़ और जीवन में संतुलन जैसे अहम विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज के समय में मार्क्स एक “बीमारी” की तरह हो गए हैं, जबकि जीवन केवल अंकों तक सीमित नहीं है।
प्रधानमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि टॉपर्स के नाम भी कुछ समय बाद याद नहीं रहते, लेकिन जीवन में सीखी गई बातें हमेशा साथ रहती हैं। इसलिए छात्रों को केवल नंबरों के पीछे भागने के बजाय यह सोचना चाहिए कि वे अपने जीवन को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा जीवन का एक हिस्सा है, पूरा जीवन नहीं।
‘परीक्षा पे चर्चा’ के दौरान छात्रों ने पीएम मोदी से पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं, गेमिंग और शिक्षकों से जुड़े सवाल पूछे। 12वीं कक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री ने सलाह दी कि छात्रों को पहले 12वीं की पढ़ाई पर पूरा ध्यान देना चाहिए। यदि बोर्ड की तैयारी मजबूत होगी, तो आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उसका लाभ मिलेगा।
गेमिंग को लेकर पीएम मोदी ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि केवल मनोरंजन के लिए घंटों गेम खेलना ठीक नहीं है, लेकिन गेमिंग को एक स्किल के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने छात्रों को नए गेम डिजाइन करने, टेक्नोलॉजी सीखने और इनोवेशन पर काम करने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षकों की पढ़ाने की गति से जुड़े सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों को खुलकर अपने टीचर्स से संवाद करना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को भी सलाह दी कि वे कक्षा में सभी छात्रों की समझ और गति का ध्यान रखें, ताकि कोई भी पीछे न छूटे।
इस वर्ष ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ ने एक नया रिकॉर्ड भी बनाया है। कार्यक्रम ने पिछले साल के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए चार करोड़ से अधिक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन दर्ज किए हैं। यह आंकड़ा बताता है कि छात्रों और अभिभावकों के बीच यह कार्यक्रम कितना लोकप्रिय और प्रभावशाली बन चुका है।
कार्यक्रम के अंत में पीएम मोदी ने छात्रों से आत्मविश्वास बनाए रखने, सकारात्मक सोच अपनाने और असफलता से घबराने के बजाय उससे सीखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में सफल वही होता है जो खुद को बेहतर बनाने पर लगातार काम करता है।
प्रधानमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि टॉपर्स के नाम भी कुछ समय बाद याद नहीं रहते, लेकिन जीवन में सीखी गई बातें हमेशा साथ रहती हैं। इसलिए छात्रों को केवल नंबरों के पीछे भागने के बजाय यह सोचना चाहिए कि वे अपने जीवन को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा जीवन का एक हिस्सा है, पूरा जीवन नहीं।
‘परीक्षा पे चर्चा’ के दौरान छात्रों ने पीएम मोदी से पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं, गेमिंग और शिक्षकों से जुड़े सवाल पूछे। 12वीं कक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री ने सलाह दी कि छात्रों को पहले 12वीं की पढ़ाई पर पूरा ध्यान देना चाहिए। यदि बोर्ड की तैयारी मजबूत होगी, तो आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उसका लाभ मिलेगा।
गेमिंग को लेकर पीएम मोदी ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि केवल मनोरंजन के लिए घंटों गेम खेलना ठीक नहीं है, लेकिन गेमिंग को एक स्किल के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने छात्रों को नए गेम डिजाइन करने, टेक्नोलॉजी सीखने और इनोवेशन पर काम करने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षकों की पढ़ाने की गति से जुड़े सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों को खुलकर अपने टीचर्स से संवाद करना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को भी सलाह दी कि वे कक्षा में सभी छात्रों की समझ और गति का ध्यान रखें, ताकि कोई भी पीछे न छूटे।
इस वर्ष ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ ने एक नया रिकॉर्ड भी बनाया है। कार्यक्रम ने पिछले साल के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए चार करोड़ से अधिक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन दर्ज किए हैं। यह आंकड़ा बताता है कि छात्रों और अभिभावकों के बीच यह कार्यक्रम कितना लोकप्रिय और प्रभावशाली बन चुका है।
कार्यक्रम के अंत में पीएम मोदी ने छात्रों से आत्मविश्वास बनाए रखने, सकारात्मक सोच अपनाने और असफलता से घबराने के बजाय उससे सीखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में सफल वही होता है जो खुद को बेहतर बनाने पर लगातार काम करता है।