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राजधानी में घना स्मॉग
ITO और कर्तव्य पथ पर स्मॉग छाया
दिल्ली में स्मॉग बरकरार, तापमान सामान्य से ऊपर; कई इलाकों में AQI ‘खराब’ श्रेणी में
13 Feb 2026, 11:48 AM Delhi - New Delhi
Reporter : Mahesh Sharma
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New Delhi राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एक बार फिर स्मॉग की चादर छाई हुई है। गुरुवार सुबह कई इलाकों में धुंध और प्रदूषण का मिश्रित असर देखने को मिला। खासकर ITO, इंडिया गेट और कर्तव्य पथ के आसपास दृश्यता प्रभावित रही। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (Central Pollution Control Board) के आंकड़ों के अनुसार, कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 200 के पार दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।

आनंद विहार में AQI 229, अशोक विहार में 201 और नेहरू नगर में 200 से ऊपर रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह और शाम के समय हवा की रफ्तार धीमी होने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में ठहर जाते हैं, जिससे स्मॉग की स्थिति बनती है।

मौसम विभाग के अनुसार आज अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। तापमान में यह बढ़ोतरी दिन के समय हल्की गर्माहट का एहसास करा सकती है, लेकिन सुबह-शाम ठंड बनी रहेगी।

India Meteorological Department (IMD) के मुताबिक 17 फरवरी के बाद उत्तर भारत के मौसम में बदलाव की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की बारिश या बादल छाने की स्थिति बन सकती है, जिससे प्रदूषण के स्तर में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि फिलहाल हवा की गुणवत्ता में तत्काल सुधार के संकेत नहीं हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह के समय बाहर व्यायाम करने से बचने और मास्क का उपयोग करने की सलाह दी है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में पर्यावरणीय चुनौतियों को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण गतिविधियां और आसपास के राज्यों में पराली जलाने जैसी घटनाएं मिलकर वायु गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं।

फिलहाल प्रशासन की ओर से निगरानी बढ़ाई गई है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से निजी वाहनों का उपयोग कम करें। आने वाले दिनों में मौसम के रुख पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि मौसम में बदलाव से ही प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है।