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रोबो डॉग पर विवाद
एआई समिट में पेश रोबो डॉग पर उठा विवाद
एआई इम्पैक्ट समिट में चीनी रोबो डॉग विवाद, गलगोटियास यूनिवर्सिटी को एक्सपो से हटाया गया
18 Feb 2026, 12:07 PM
Delhi -
New Delhi
Reporter :
Mahesh Sharma
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New Delhi राजधानी में आयोजित AI Impact Summit 2026 के दौरान एक रोबोटिक डॉग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस विवाद के बाद Galgotias University को समिट के एक्सपो एरिया से अपना स्टॉल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार यह कदम एक वायरल वीडियो और उसके बाद उठे सवालों के मद्देनजर उठाया गया।
समिट के दूसरे दिन विश्वविद्यालय द्वारा प्रदर्शित रोबो डॉग को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। कुछ टेक विशेषज्ञों और इंडस्ट्री ऑब्जर्वर्स ने दावा किया कि यह डिवाइस चीनी कंपनी Unitree Robotics के कमर्शियल मॉडल से काफी मिलता-जुलता है, जो पहले से अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध है। इसके बाद यह सवाल उठने लगे कि क्या समिट में विदेशी उत्पाद को स्वदेशी नवाचार के रूप में पेश किया गया।
विवाद बढ़ने पर गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने सफाई जारी की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि रोबोट को इन-हाउस विकसित उत्पाद के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया था। उनका दावा है कि यह डिवाइस छात्रों की ट्रेनिंग और रिसर्च डेमो के उद्देश्य से प्रदर्शित किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि किसी प्रकार की भ्रामक प्रस्तुति का इरादा नहीं था।
इस बीच मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर सवाल उठाया कि जब देश आत्मनिर्भरता की बात कर रहा है, तब एक बड़े सरकारी कार्यक्रम में चीनी उत्पाद कैसे प्रदर्शित किए जा रहे हैं। उनके बयान के बाद विवाद और तेज हो गया।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि समिट जैसे संवेदनशील मंच पर प्रदर्शित की जाने वाली तकनीकों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश होते हैं। यदि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है, तो आयोजकों को तत्काल कार्रवाई करनी पड़ती है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय को एक्सपो क्षेत्र खाली करने के लिए कहा गया।
टेक जगत में इस मुद्दे पर दो राय देखने को मिल रही हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में अंतरराष्ट्रीय उत्पादों का अध्ययन और प्रदर्शन सामान्य बात है। वहीं अन्य का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर के सरकारी मंच पर उत्पाद की उत्पत्ति को लेकर पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
फिलहाल यह मामला जांच और स्पष्टीकरण के चरण में है। समिट का आयोजन जारी है, लेकिन इस घटना ने एआई और टेक्नोलॉजी इवेंट्स में पारदर्शिता और स्वदेशी नवाचार के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
समिट के दूसरे दिन विश्वविद्यालय द्वारा प्रदर्शित रोबो डॉग को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। कुछ टेक विशेषज्ञों और इंडस्ट्री ऑब्जर्वर्स ने दावा किया कि यह डिवाइस चीनी कंपनी Unitree Robotics के कमर्शियल मॉडल से काफी मिलता-जुलता है, जो पहले से अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध है। इसके बाद यह सवाल उठने लगे कि क्या समिट में विदेशी उत्पाद को स्वदेशी नवाचार के रूप में पेश किया गया।
विवाद बढ़ने पर गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने सफाई जारी की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि रोबोट को इन-हाउस विकसित उत्पाद के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया था। उनका दावा है कि यह डिवाइस छात्रों की ट्रेनिंग और रिसर्च डेमो के उद्देश्य से प्रदर्शित किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि किसी प्रकार की भ्रामक प्रस्तुति का इरादा नहीं था।
इस बीच मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर सवाल उठाया कि जब देश आत्मनिर्भरता की बात कर रहा है, तब एक बड़े सरकारी कार्यक्रम में चीनी उत्पाद कैसे प्रदर्शित किए जा रहे हैं। उनके बयान के बाद विवाद और तेज हो गया।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि समिट जैसे संवेदनशील मंच पर प्रदर्शित की जाने वाली तकनीकों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश होते हैं। यदि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है, तो आयोजकों को तत्काल कार्रवाई करनी पड़ती है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय को एक्सपो क्षेत्र खाली करने के लिए कहा गया।
टेक जगत में इस मुद्दे पर दो राय देखने को मिल रही हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में अंतरराष्ट्रीय उत्पादों का अध्ययन और प्रदर्शन सामान्य बात है। वहीं अन्य का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर के सरकारी मंच पर उत्पाद की उत्पत्ति को लेकर पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
फिलहाल यह मामला जांच और स्पष्टीकरण के चरण में है। समिट का आयोजन जारी है, लेकिन इस घटना ने एआई और टेक्नोलॉजी इवेंट्स में पारदर्शिता और स्वदेशी नवाचार के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।