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मंईयां योजना लाभार्थियों को लोन सुविधा
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा फैसला
हेमंत सरकार की नई पहल, मंईयां योजना से जुड़ी महिलाओं को मिलेगा 20 हजार का लोन
08 Feb 2026, 03:27 PM
Jharkhand -
Ranchi
Reporter :
Mahesh Sharma
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Ranchi झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाओं को अब सरकार की ओर से 20 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस फैसले से राज्य की लाखों महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के अंतर्गत अब तक करीब 51 लाख महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। सरकार का मानना है कि केवल आर्थिक सहायता देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी जरूरी है। इसी सोच के तहत यह ऋण सुविधा शुरू की जा रही है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह ऋण राशि महिलाओं को छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए दी जाएगी। महिलाएं इस पैसे से सिलाई-कढ़ाई की मशीन, किराना स्टोर, सब्जी की दुकान, मुर्गी पालन या अन्य स्वरोजगार से जुड़े कार्य शुरू कर सकेंगी। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएं इस योजना का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनें। अधिकारियों के अनुसार, यह ऋण सरल प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराया जाएगा ताकि जरूरतमंद महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। योजना के अंतर्गत ब्याज दर और चुकौती प्रक्रिया को भी महिलाओं के अनुकूल रखा जाएगा।
राज्य सरकार का कहना है कि महिला सशक्तिकरण केवल सामाजिक नहीं बल्कि आर्थिक मजबूती से ही संभव है। मंईयां सम्मान योजना के माध्यम से पहले ही महिलाओं को सम्मान राशि दी जा रही है और अब ऋण सुविधा जोड़कर इसे और प्रभावी बनाया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से झारखंड में महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। छोटे स्तर पर शुरू होने वाले व्यवसाय आगे चलकर रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकते हैं। इससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
फिलहाल सरकार इस योजना को जल्द लागू करने की तैयारी में जुटी है। संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। आने वाले दिनों में इसके नियम और शर्तों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
सरकारी जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के अंतर्गत अब तक करीब 51 लाख महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। सरकार का मानना है कि केवल आर्थिक सहायता देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी जरूरी है। इसी सोच के तहत यह ऋण सुविधा शुरू की जा रही है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह ऋण राशि महिलाओं को छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए दी जाएगी। महिलाएं इस पैसे से सिलाई-कढ़ाई की मशीन, किराना स्टोर, सब्जी की दुकान, मुर्गी पालन या अन्य स्वरोजगार से जुड़े कार्य शुरू कर सकेंगी। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएं इस योजना का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनें। अधिकारियों के अनुसार, यह ऋण सरल प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराया जाएगा ताकि जरूरतमंद महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। योजना के अंतर्गत ब्याज दर और चुकौती प्रक्रिया को भी महिलाओं के अनुकूल रखा जाएगा।
राज्य सरकार का कहना है कि महिला सशक्तिकरण केवल सामाजिक नहीं बल्कि आर्थिक मजबूती से ही संभव है। मंईयां सम्मान योजना के माध्यम से पहले ही महिलाओं को सम्मान राशि दी जा रही है और अब ऋण सुविधा जोड़कर इसे और प्रभावी बनाया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से झारखंड में महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। छोटे स्तर पर शुरू होने वाले व्यवसाय आगे चलकर रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकते हैं। इससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
फिलहाल सरकार इस योजना को जल्द लागू करने की तैयारी में जुटी है। संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। आने वाले दिनों में इसके नियम और शर्तों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।