Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
फाउंडेशन का आधिकारिक बयान
कीनोट स्पीच से ऐन वक्त पर हटे गेट्स
विवादों के बीच बिल गेट्स ने इंडिया AI समिट से बनाई दूरी
19 Feb 2026, 10:53 AM Delhi - New Delhi
Reporter : Mahesh Sharma
ADVERTISEMENT Sponsored
Ad
Open
New Delhi नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के बीच एक बड़ा बदलाव सामने आया है। Bill Gates अब इस सम्मेलन में अपना निर्धारित कीनोट भाषण नहीं देंगे। इस फैसले की जानकारी Bill & Melinda Gates Foundation ने आधिकारिक बयान जारी कर दी।

फाउंडेशन के अनुसार, बिल गेट्स ने “बहुत सोच-समझकर” इस कार्यक्रम से दूरी बनाने का निर्णय लिया है। हालांकि बयान में विस्तृत कारणों का उल्लेख नहीं किया गया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चल रही रिपोर्ट्स के मुताबिक हालिया विवादों ने इस फैसले को प्रभावित किया है।

दरअसल, गेट्स का नाम हाल में सामने आई तथाकथित Jeffrey Epstein से जुड़ी फाइलों के संदर्भ में चर्चाओं में रहा है। साल 2019 में एपस्टीन की गिरफ्तारी और जेल में मौत के बाद से उनके संपर्कों और संबंधों को लेकर कई खुलासे होते रहे हैं। इन्हीं कड़ियों में गेट्स का नाम भी चर्चा में आने से विवाद गहरा गया है।

ऐसे संवेदनशील माहौल में, गेट्स ने नई दिल्ली में हो रहे इस वैश्विक सम्मेलन में सार्वजनिक उपस्थिति से परहेज करना उचित समझा। जानकारों का मानना है कि यह कदम संभावित विवादों से सम्मेलन को दूर रखने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

हालांकि, फाउंडेशन ने स्पष्ट किया है कि संगठन भारत में अपनी प्रतिबद्धताओं और साझेदारियों को लेकर पूरी तरह समर्पित है। बिल गेट्स की अनुपस्थिति के बावजूद, समिट में फाउंडेशन की सक्रिय भागीदारी जारी रहेगी। इस कार्यक्रम में अब फाउंडेशन की ओर से अंकुर वोरा प्रतिनिधित्व करेंगे और AI आधारित स्वास्थ्य, शिक्षा तथा विकास परियोजनाओं पर विचार साझा करेंगे।

‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में दुनिया भर के नीति-निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ और उद्योग जगत के नेता हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन में AI गवर्नेंस, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सॉवरेन AI और वैश्विक सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है।

बिल गेट्स का कीनोट भाषण इस समिट का एक प्रमुख आकर्षण माना जा रहा था, लेकिन बदलते हालात के बीच उनका यह निर्णय चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल, सम्मेलन अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी है और आयोजकों का कहना है कि समिट की मूल भावना और एजेंडा पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।