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विधायक विवाद SDM शिकायत केस
गुहला विधायक ने प्रदर्शन किया झुनझुना विवाद केस दर्ज
हरियाणा कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस पर केस, SDM को झुनझुना देने का विवाद
17 Feb 2026, 02:35 PM
Haryana -
Gohana
Reporter :
Mahesh Sharma
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Gohana हरियाणा के गुहला क्षेत्र में कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस का विरोध प्रदर्शन विवादित मोड़ पर पहुंच गया। 19 जनवरी को विधायक और उनके समर्थक स्थानीय एसडीएम कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान कथित रूप से विधायक ने एसडीएम प्रमेश सिंह को एक 'झुनझुना' (खिलौना) सौंपा, जिससे मामला गरमा गया।
एसडीएम प्रमेश सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि इस दौरान विधायक और उनके समर्थकों ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। शिकायत मिलने के बाद गुहला के डीएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि एफआईआर में विधायक देवेंद्र हंस, एक स्थानीय पत्रकार और अन्य तीन लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं।
इस घटना का मूल कारण पिछले महीने हुए ब्लॉक और विकास पंचायत अधिकारी (BDPO) परिसर में आयोजित विरोध प्रदर्शन था। इस प्रदर्शन का उद्देश्य स्थानीय प्रशासनिक नीतियों के खिलाफ असंतोष जताना था, लेकिन विवादास्पद झुनझुना देने की घटना ने इसे मीडिया और प्रशासनिक दृष्टि से ध्यान का केंद्र बना दिया।
विधायक देवेंद्र हंस ने इस मामले पर कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन उनके समर्थक इसे राजनीतिक विरोध और उत्पीड़न की कोशिश बता रहे हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामला संवेदनशील होने के कारण जांच तेजी से की जा रही है और सभी पक्षों से बयान लिए जा रहे हैं।
इस प्रकार की घटनाएं स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक नेताओं के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती हैं। भाजपा और कांग्रेस जैसी प्रमुख पार्टियों के बीच राज्यों में अक्सर इसी तरह की टकराव वाली घटनाएं देखने को मिलती हैं। गुहला में यह विवाद स्थानीय निवासियों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि प्रशासनिक अधिकारियों और elected प्रतिनिधियों के बीच उत्पन्न हुए विवाद का असर विकास कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि विधायक द्वारा किया गया यह 'झुनझुना' दांव कानूनी रूप से गंभीर हो सकता है। प्रशासन और पुलिस ने मामले की पूरी जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय मीडिया ने बताया कि विधायक हंस के खिलाफ दर्ज इस FIR से राजनीतिक सरगर्मी और भी बढ़ सकती है, क्योंकि यह मामला सिर्फ स्थानीय प्रशासनिक विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे राजनीतिक दलों द्वारा चुनावी मुद्दा भी बनाया जा सकता है।
गुहला के नागरिकों की राय में, इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति आस्था और प्रशासनिक भरोसे को चुनौती देती हैं। अब देखना यह होगा कि विधायक देवेंद्र हंस और अन्य आरोपियों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन क्या कार्रवाई करती है और मामले का हल कैसे निकलता है।
एसडीएम प्रमेश सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि इस दौरान विधायक और उनके समर्थकों ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। शिकायत मिलने के बाद गुहला के डीएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि एफआईआर में विधायक देवेंद्र हंस, एक स्थानीय पत्रकार और अन्य तीन लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं।
इस घटना का मूल कारण पिछले महीने हुए ब्लॉक और विकास पंचायत अधिकारी (BDPO) परिसर में आयोजित विरोध प्रदर्शन था। इस प्रदर्शन का उद्देश्य स्थानीय प्रशासनिक नीतियों के खिलाफ असंतोष जताना था, लेकिन विवादास्पद झुनझुना देने की घटना ने इसे मीडिया और प्रशासनिक दृष्टि से ध्यान का केंद्र बना दिया।
विधायक देवेंद्र हंस ने इस मामले पर कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन उनके समर्थक इसे राजनीतिक विरोध और उत्पीड़न की कोशिश बता रहे हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामला संवेदनशील होने के कारण जांच तेजी से की जा रही है और सभी पक्षों से बयान लिए जा रहे हैं।
इस प्रकार की घटनाएं स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक नेताओं के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती हैं। भाजपा और कांग्रेस जैसी प्रमुख पार्टियों के बीच राज्यों में अक्सर इसी तरह की टकराव वाली घटनाएं देखने को मिलती हैं। गुहला में यह विवाद स्थानीय निवासियों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि प्रशासनिक अधिकारियों और elected प्रतिनिधियों के बीच उत्पन्न हुए विवाद का असर विकास कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि विधायक द्वारा किया गया यह 'झुनझुना' दांव कानूनी रूप से गंभीर हो सकता है। प्रशासन और पुलिस ने मामले की पूरी जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय मीडिया ने बताया कि विधायक हंस के खिलाफ दर्ज इस FIR से राजनीतिक सरगर्मी और भी बढ़ सकती है, क्योंकि यह मामला सिर्फ स्थानीय प्रशासनिक विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे राजनीतिक दलों द्वारा चुनावी मुद्दा भी बनाया जा सकता है।
गुहला के नागरिकों की राय में, इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति आस्था और प्रशासनिक भरोसे को चुनौती देती हैं। अब देखना यह होगा कि विधायक देवेंद्र हंस और अन्य आरोपियों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन क्या कार्रवाई करती है और मामले का हल कैसे निकलता है।